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शिव की शिष्यता ही प्रत्येक मानव के अभ्युदय का एकमात्र विकल्प : नीलम दीदी

Updated at : 18 Jan 2026 9:29 PM (IST)
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शिव की शिष्यता ही प्रत्येक मानव के अभ्युदय का एकमात्र विकल्प : नीलम दीदी

शिव की शिष्यता ही प्रत्येक मानव के अभ्युदय का एकमात्र विकल्प : नीलम दीदी

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प्रतिनिधि, तरहसी मनातू गढ़ स्थित देवी मंडप मैदान में शिव शिष्य परिवार ने शिव गुरु महोत्सव का आयोजन किया. बताया गया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जगत गुरु भगवान शिव के गुरु स्वरूप से जन-जन को जोड़ना और शिव शिष्यता की आध्यात्मिक अवधारणा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है. इस दौरान आयोजन स्थल पर श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत दृश्य देखा गया. आयोजकों के अनुसार इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से करीब लाखों शिव शिष्य शामिल हुए.महोत्सव के दौरान शिव शिष्यता की इस अनुपम अवधारणा के प्रसार में दीदी नीलम आनंद के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया गया. वक्ताओं ने उनके जीवन, तप, त्याग और समर्पण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने शिव शिष्यता की बगिया को अपनी संतान के समान स्नेह, सेवा और साधना से सींचा और संवारा. बताया गया कि दीदी नीलम आनंद का जन्म पलामू जिले के मनातू ग्राम में हुआ था. शिव शिष्या बरखा आनंद ने कहा कि अप्रतिम भगवान शिव की शिष्यता ही प्रत्येक मानव के अभ्युदय का एकमात्र विकल्प है. शिव जगत गुरु हैं और संसार का प्रत्येक व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से हो, उन्हें अपना गुरु बना सकता है. शिव का शिष्य बनने के लिए किसी प्रकार की पारंपरिक दीक्षा या औपचारिकता आवश्यक नहीं है, बल्कि केवल यह भाव कि शिव मेरे गुरु हैं ही शिष्यता की शुरुआत है. शिव शिष्य अर्चित आनंद ने कहा कि शिव शिष्यता पूर्णतः आध्यात्मिक अवधारणा है, जिसका संबंध भगवान शिव के गुरु स्वरूप से प्रत्येक व्यक्ति के आत्मिक जुड़ाव से है. शिव शिष्य डॉ अमित ने मानव जीवन में गुरु की अनिवार्यता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु के बिना किया गया पूजा-पाठ, यज्ञ, व्रत और साधना आत्मिक रूप से फलदायी नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि आत्मा के उत्कर्ष के लिए गुरु से जुड़ना आवश्यक है.वहीं शिव शिष्या अनुनीता आनंद ने शिव के आदि गुरु एवं जगत गुरु स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिव का गुरु भाव और करुणा भाव ही संपूर्ण सृष्टि का आधार है. शिव शिष्य अभिनव आनंद ने कहा कि शिव शिष्यता की पृष्ठभूमि स्वानुभूतियों की एक गहन आध्यात्मिक यात्रा है, जिसका उद्देश्य भगवान शिव को जन-जन का गुरु बनाना है.कार्यक्रम में आगंतुकों का स्वागत आलोक कुमार ने किया जबकि समापन एवं आभार ज्ञापन सचिंद्रजीत सिंह ने किया. मौके पर निरंजन कुमार गुप्ता, सहरसा के परेश्वर राय,जिला परिषद सदस्य प्रदीप कुमार चावला, मंडल अध्यक्ष अरविंद यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष अंतू यादव, सत्येंद्र यादव सहित लाखों की संख्या में शिव शिष्य परिवार के लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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