गोरहो मंदिर के पास जलापूर्ति के राइजिंग पाइप का शिफ्टिंग कार्य शुरू

Published by :Akarsh Aniket
Published at :13 Apr 2026 10:05 PM (IST)
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गोरहो मंदिर के पास जलापूर्ति के राइजिंग पाइप का शिफ्टिंग कार्य शुरू

एक सप्ताह तक बंद रहेगी बारालोटा जलापूर्ति योजना से आपूर्ति

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एक सप्ताह तक बंद रहेगी बारालोटा जलापूर्ति योजना से आपूर्ति प्रतिनिधि, मेदिनीनगर नगर निगम प्रशासन ने बारालोटा जलापूर्ति योजना से पानी की आपूर्ति बंद कर राइजिंग पाइप शिफ्टिंग कार्य शुरू कर दिया है. बताया जाता है कि शहर के एचपी गैस गोदाम रोड में गोरहो मंदिर स्थित नाला पर पुलिया का निर्माण होना है. यह नाला सदर प्रखंड के सुआ पंचायत के भूसही गांव की परिधि में आता है. वर्षों पूर्व इस नाला पर छलका बना था. बरसात के मौसम में जल जमाव से आवागमन बंद हो जाता है और कई गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ जाती है. इस समस्या के समाधान के लिए सुआ पंचायत की मुखिया दुलारी देवी 15 वें वित्त मद की पांच लाख रुपये से पुलिया निर्माण कराने की स्वीकृति दी है. टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गयी है. जलापूर्ति योजना का राइजिंग पाइप इसी छलका के ऊपर से गुजरा था. ऐसी स्थिति में मुखिया ने डीडीसी सह नगर निगम के प्रभारी नगर आयुक्त से जलापूर्ति का राइजिंग पाइप हटाने का आग्रह किया था,ताकि पुलिया निर्माण कार्य शुरू हो सके. डीडीसी सह प्रभारी नगर आयुक्त मोहम्मद जावेद हुसैन के निर्देश पर राइजिंग पाइप हटाकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है. नगर निगम के पाइप लाइन इंस्पेक्टर छोटेलाल गुप्ता ने बताया कि राइजिंग पाइप शिफ्टिंग कार्य पूर्ण होने में एक सप्ताह से अधिक समय लगेगा. इस दौरान जलापूर्ति पूर्ण रूप से बंद रहेगी. इसी जलापूर्ति योजना के भूसही पंप हाउस में इंटकवेल प्लांट तक 40 लाख की लागत से स्टेनर गैलरी लगाया जा रहा है. कोयल नदी से पानी उठाव होने के कारण प्लांट में बालू भर जाता था. इसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ता था. बताया जाता है कि पिछले डेढ़ साल से एक दिन के अंतराल पर जलापूर्ति होती थी. स्टेनर गैलरी लग जाने के बाद जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है. निगम प्रशासन ने नहीं किया वैकल्पिक व्यवस्था गोरहो नाला पर पुलिया निर्माण को लेकर निगम प्रशासन जलापूर्ति योजना का राइजिंग पाइप हटाकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर रहा है. इसे लेकर जलापूर्ति बंद है. लेकिन निगम प्रशासन ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए जलापूर्ति करने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है. निगम के सहायक नगर आयुक्त प्रमोद उरांव ने बताया कि बारालोटा जलापूर्ति योजना के पोषक क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बंद होने से जल संकट की शिकायत नहीं मिली है. पेयजल समस्या उत्पन्न होने पर वैकल्पिक व्यवस्था किया जायेगा. नौ वार्डों व सदर प्रखंड के चार पंचायतों में होती है जलापूर्ति बारालोटा जलापूर्ति योजना से नगर निगम क्षेत्र के नौ वार्डों व सदर प्रखंड क्षेत्र के चार पंचायतों में जलापूर्ति की व्यवस्था है. प्रखंड के चियांकी,जमुने, रजवाडीह व जोड़ पंचायत के खनवा गांव में पानी की आपूर्ति किया जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि कभी भी नियमित जलापूर्ति नहीं होती है. इधर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या चार,पांच,छह,सात, आठ,16,17,18 व 19 के कई मुहल्ले में इस केंद्र से जलापूर्ति किया जाता है. इस तरह बारालोटा जलापूर्ति योजना बंद होने के कारण शहरी क्षेत्र की 30 हजार व ग्रामीण क्षेत्र की 20 हजार से अधिक आबादी प्रभावित हुआ है. वार्ड पार्षद विवेकानंद त्रिपाठी के मुताबिक नगर निगम मनमाने तरीके से काम कर रही है. इस जलापूर्ति को व्यवस्थित तरीके से संचालित नहीं किया गया. जलापूर्ति बंद कर दी गयी, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किया गया. पानी के लिए सैकड़ों परिवार परेशान हैं.

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