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जिले में 40 लाख का खरीदा गया धान का बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं

Updated at : 26 Jun 2025 5:30 PM (IST)
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जिले में 40 लाख का खरीदा गया धान का बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं

पलामू जिला के किसानों के लिए खरीदा गया धान का बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं होने से जिले के किसान बीज वापस कर रहे है.

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हेडिंग..किसान कर रहे हैं वापस

एक हजार किसानों ने बीज वापस कर पैसे की कर रहे है मांग

हैदराबाद के एचएससीए कंपनी से डीडीआरएचटू प्रभेद का 353 क्विंटल खरीदा गया था धान बीज

फोटो 26 डालपीएच 13

शिवेंद्र कुमार, मेदिनीनगर

पलामू जिला के किसानों के लिए खरीदा गया धान का बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं होने से जिले के किसान बीज वापस कर रहे है. जिला कृषि पदाधिकारी को एक हजार किसान आवेदन देकर पैसा की मांग की है. पलामू जिले के लिए एचएससीए कंपनी से 353 क्विंटल धान का बीज खरीदा गया था. जिसके लिए कंपनी को 39 लाख 18 हजार 300 भुगतान किया गया था. किसानों द्वारा 111 रुपया प्रति केजी के हिसाब से पैक्स व अन्य कंपनी के माध्यम से एनइएफटी के माध्यम से कंपनी को राशि भेजी गयी थी. पहाड़ी मेगा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड पांकी के द्वारा भी 50 क्विंटल धान का बीज एचएससीए कंपनी से खरीदी गयी थी. जिला कृषि पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर जानकारी दी गयी है कि धान का बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं है. इसके लिए पैसा वापस करने की बात कही गयी है. सरकार के द्वारा दिये जा रहे बीज किसान लेने के लिए तैयार नहीं है.

क्या प्रक्रिया है धान बीज खरीदने का

जिस कंपनी का धान का बीज खरीदा जाता है. उसके लिए जिला कृषि पदाधिकारी के कार्यालय से खरीदने वाले लोगों को इसका पत्र निर्गत किया जाता है. इसके बाद बीज खरीदने वाले व्यक्ति या फर्म के द्वारा उस कंपनी के नाम से उसके खाते में एनइएफटी के माध्यम से राशि भेजी जाती है. जब कंपनी को पैसा मिल जाता है. तब कंपनी ट्रांसपोर्ट के माध्यम से संबंधित व्यक्ति या उसके डीलर को बीज भेज दिया जाता है. धान के बीज में 50 प्रतिशत राशि किसानों को देना पड़ता है. जबकि 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार के द्वारा वहन किया जाता है.

धान का बीज गुणवत्तापूर्ण नहींः हरि प्रसाद

पहाड़ी मेघा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड पांकी के निदेशक हरि प्रसाद साहू ने बताया कि डीडीआरएचटू धान का बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं है. किसान इसे लेने से इनकार कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल भी हिल इंडिया कंपनी के द्वारा मकई का बीज दिया गया था. उसमें शिकायत मिली थी कि कई बीज में तो पौधा ही नहीं आया था. जिस बीज से पौधा निकला था. उसमें मकई ही नहीं लगा था. पिछले बार किसानों का पैसा डूब गया था. इससे किसान काफी नाराज हैं.

तीन दिन के अंदर किसानों का पैसा किया जायेगा वापस : क्षेत्रीय प्रबंधक

एचएससीए कंपनी के झारखंड के क्षेत्रीय प्रबंधक अवधेश मंडल ने बताया कि जिन किसानों के द्वारा बीज के बारे में शिकायत की गयी है. उनका पैसा तीन दिन के अंदर वापस किया जायेगा. उन्होंने कहा कि पहले किसानों का पेमेंट किया जायेगा. उसके बाद धान का बीज वापस ले लिया जायेगा.

किसान धान का बीज कर रहे हैं वापस : डीएओ

जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि कई लोगों के द्वारा लिखित शिकायत की गयी है. धान का बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं है. धान का प्रभेद डीडीआरएचटू वापस किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सभी लोगों का पैसा वापस किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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