ePaper

40 लाख का खरीदा गया धान का बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं, 1 हजार किसानों ने वापस मांगे पैसे

Updated at : 27 Jun 2025 11:12 AM (IST)
विज्ञापन
Paddy Seeds

Paddy Seeds

Palamu News: जिले में किसानों के लिए खरीदे गये धान के बीज किसान वापस कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि धान के बीज अच्छी गुणवत्ता के नहीं हैं. जिला कृषि पदाधिकारी को जिले के 1 हजार किसानों ने आवेदन देकर पैसे वापस मांगे हैं. एचएससीए कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि किसानों को 3 दिनों के भीतर पैसे वापस मिल जायेंगे. किसानों को पैसे वापस मिलने के बाद धान के बीज वापस लिये जायेंगे.

विज्ञापन

Palamu News | पलामू, शिवेंद्र कुमार: पलामू जिले में किसानों के लिए खरीदे गये धान के बीज किसान वापस कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि धान के बीज अच्छी गुणवत्ता के नहीं हैं. जिला कृषि पदाधिकारी को जिले के 1 हजार किसानों ने आवेदन देकर पैसे वापस मांगे हैं. जानकारी के अनुसार पलामू जिले के लिए एचएससीए कंपनी से 353 क्विंटल धान के बीज खरीदे गये थे, जिसके लिए कंपनी को 39 लाख 18 हजार 300 रुपये का भुगतान किया गया था. किसानों ने 111 रुपये प्रति किलो के हिसाब से पैसे कंपनी को भेजे थे.

3 दिनों के भीतर किसानों को वापस मिलेंगे पैसे

इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि कई लोगों ने धान के बीज को लेकर लिखित शिकायत दी है कि बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं है. धान का प्रभेद डीडीआरएचटू वापस किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सभी लोगों को उनके पैसे वापस किये जायेंगे. एचएससीए कंपनी के झारखंड के क्षेत्रीय प्रबंधक अवधेश मंडल ने बताया कि जिन किसानों ने बीज के संबंध में शिकायत की है. उन्हें 3 दिनों के भीतर पैसे वापस मिल जायेंगे. किसानों को पैसे वापस मिलने के बाद धान के बीज वापस लिये जायेंगे.

झारखंड की ताजा खबरें यहां पढ़ें

क्या है धान के बीज खरीदने की प्रक्रिया?

धान के बीज खरीदने के लिए जिस कंपनी से बीज खरीदा जाता है. उसके लिए जिला कृषि पदाधिकारी के कार्यालय से खरीदने वाले लोगों को इसका पत्र निर्गत किया जाता है. इसके बाद बीज खरीदने वाले व्यक्ति या फर्म के द्वारा उस कंपनी के अकाउंट में एनईएफटी के माध्यम से राशि भेजी जाती है. पैसे मिलने के बाद कंपनी ट्रांसपोर्ट के माध्यम से संबंधित व्यक्ति या उसके डीलर को बीज भेजती है. मालूम हो धान के बीज में 50 प्रतिशत राशि किसानों को देना होता है, जबकि 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार के द्वारा वहन किया जाता है.

पिछले वर्ष मकई के बीजों में मिली थी शिकायत

पहाड़ी मेगा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, पांकी ने भी एचएससीए कंपनी से 50 क्विंटल धान का बीज खरीदा था. कंपनी के निदेशक हरि प्रसाद साहू ने बताया कि डीडीआरएचटू धान का बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं है. किसान इसे लेने से इनकार कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल हिल इंडिया कंपनी के द्वारा मकई का बीज दिया गया था. उसमें भी शिकायतें मिली थी कि कई बीज में पौधे ही नहीं आये. और जिस बीज से पौधा निकला था. उसमें मकई ही नहीं लगा था. पिछले बार किसानों का पैसा डूब गया था, जिससे किसान काफी निराश थे.

इसे भी पढ़ें

Rath Yatra 2025: रांची में रथयात्रा और मेला की सुरक्षा कड़ी, ड्रोन और CCTV से निगरानी

पाकुड़ में बाइक सवार दंपति को ट्रक ने रौंदा, पत्नी का पैर कटकर हुआ अलग, पति की भी हालत गंभीर

Rath Yatra 2025: बेरमो में निकलती है भगवान जगन्नाथ की अनोखी रथयात्रा, 10 दिनों तक बंद रहता है मांसाहार

विज्ञापन
Dipali Kumari

लेखक के बारे में

By Dipali Kumari

नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola