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एमएमसीएच में प्लेसेंटा डिस्पोजल की स्थायी व्यवस्था नहीं, संक्रमण का खतरा बढ़ा

Updated at : 07 Dec 2025 8:58 PM (IST)
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एमएमसीएच में प्लेसेंटा डिस्पोजल की स्थायी व्यवस्था नहीं, संक्रमण का खतरा बढ़ा

खुले में फेंकी जा रही प्रसव के बाद की गंदगी, अस्पताल प्रबंधन और एजेंसी पर उठे सवाल

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खुले में फेंकी जा रही प्रसव के बाद की गंदगी, अस्पताल प्रबंधन और एजेंसी पर उठे सवाल रामनरेश तिवारी,मेदिनीनगर मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) में प्रसव के बाद निकलने वाली गंदगी (प्लेसेंटा) के सुरक्षित निस्तारण की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है. जानकारी के अनुसार प्रसव के बाद प्लेसेंटा को खुले स्थानों पर फेंक दिया जाता है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है. अस्पताल में प्रतिदिन करीब आधा दर्जन प्रसव और प्रतिमाह 150–200 प्रसव होते हैं, बावजूद इसके प्लेसेंटा रखने और निस्तारण के लिए कोई तय व्यवस्था नहीं होना चिंता का विषय है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल होने के बावजूद प्लेसेंटा डिस्पोजल की पुख्ता व्यवस्था न होना गंभीर लापरवाही है. खुले में फेंके जाने से आसपास के क्षेत्र में भी दुष्प्रभाव पड़ सकता है और संक्रमण का खतरा बना रहता है. अस्पताल कर्मियों की मानें तो लोहरदगा अस्पताल से प्लेसेंटा और मेडिकेयर वेस्ट उठाव के लिए महीने में एक बार वाहन आता है, वह भी अनियमित है. कई बार ट्रैक्टर आदि से प्लेसेंटा को उठवाकर गढ़वा मुख्य मार्ग के जंगली इलाके में फेंक दिया जाता है. डिस्पोजल की जिम्मेवारी बालाजी एजेंसी की : प्रबंधक एमएमसीएच के अस्पताल मैनेजर सुमीत श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल की साफ-सफाई और वेस्ट मैनेजमेंट की जिम्मेवारी बालाजी एजेंसी को सौंपी गयी है. उन्होंने दावा किया कि मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल प्रबंधन लगातार बेहतर कार्य कर रहा है और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. नियमित सफाई करायी जा रही : एजेंसी सुपरवाइजर बालाजी एजेंसी के सुपरवाइजर देव कुमार तिवारी ने कहा कि प्लेसेंटा और मेडिकेयर वेस्ट के लिए लोहरदगा अस्पताल से वाहन आता है. उनके अनुसार सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और प्रक्रिया नियमित रूप से पूरी की जाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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