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गांवों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा व शुद्ध पेयजल की कमी

Updated at : 07 Dec 2025 8:41 PM (IST)
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गांवों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा व शुद्ध पेयजल की कमी

चुरादोहर में प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन, ग्रामीणों ने कहा

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चुरादोहर में प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन, ग्रामीणों ने कहा

उच्च शिक्षा के लिए शिक्षकों का अभाव है

प्रतिनिधि, पाटन

प्रखंड क्षेत्र के चुरादोहर स्थित स्तरोन्नत उच्च विद्यालय परिसर में प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता महुलिया पंचायत के पूर्व मुखिया सुरेंद्र मांझी व संचालन उमेश सिंह ने किया. कार्यक्रम में ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं को प्रमुखता से रखा व उसका समाधान का उपाय भी सुझाया. कार्यक्रम में ग्रामीणों ने गांव में सड़क, शिक्षा, चिकित्सा समेत अन्य कई समस्याओं को बताया. लोगों ने कहा कि चिकित्सा व शिक्षा की बात तो दूर शुद्ध पेयजल भी नसीब नहीं हो रहा है. आजादी के 77 वर्षों के बाद भी गांव का विकास अधूरा है. रोजगार के लिए भी युवाओं को दूसरे प्रदेश में जाना पड़ता है. मध्य विद्यालय को उत्क्रमित कर हाई स्कूल का दर्जा दिया गया, लेकिन उच्च शिक्षा के नाम पर सुविधा व शिक्षकों का घोर अभाव है. हाई स्कूल का अपना भवन भी नहीं है और न ही शिक्षक का पदस्थापन किया गया है. मौके पर प्रभात खबर प्रतिनिधि रामनरेश तिवारी, राजेश उरांव, महेश उरांव, रामनाथ उरांव, गणेश उरांव, उगेश प्रजापति, धर्मेंद्र विश्वकर्मा, सुनील विश्वकर्मा, विद्यानंद सहित कई ग्रामीण मौजूद थे.

फोटो: 07डालपीएच 10

पूर्व मुखिया सुरेंद्र मांझी ने कहा कि क्षेत्र में आवागमन की बड़ी समस्या है. क्षेत्र की सभी सड़क की स्थिति बदहाल है. जिसे देखने वाला कोई नहीं है. स्वास्थ्य सुविधा का भी घोर अभाव है. क्षेत्र में समस्या का अंबार लगा है. प्रशासन के लोग उदासीन बने हुए हैं.

फोटो: 07डालपीएच 09

ग्रामीण ओमप्रकाश कुमार ने बताया कि पंचायत में शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था का घोर अभाव है. गांव में स्वास्थ्य उप केंद्र है, लेकिन भवन ध्वस्त हो चुका है. चिकित्सक भी नहीं हैं. इलाज के लिए लोग भगवान भरोसे हैं. झोला छाप डाक्टर मरीजाें को शिकार बनाते हैं. गरीबों को देखने वाला कोई नहीं है.

फोटो: 07डालपीएच 06

ग्रामीण राजेंद्र प्रजापति ने बताया कि गांव में मध्य विद्यालय है. उसे उत्क्रमित कर हाई स्कूल बना दिया गया. लेकिन शिक्षक व भवन नहीं दिया गया. उसने बताया कि उच्च शिक्षा पाने के लिए बच्चों को सुविधा नहीं है. जिसके कारण गांव के बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने लिए बाहर जाना पड़ता है.

फोटो: 07डालपीएच 08

सामाजिक कार्यकर्ता मोहन टोप्पो ने बताया कि गांव में आंगनबाड़ी केंद्र है, लेकिन सही तरीके से संचालित नहीं किया जाता है. जिसके कारण नौनिहालों को आंगनबाड़ी केंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सरकार द्वारा गरीब बच्चों को शिक्षा के साथ पोषाहार देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र खोला गया है. लेकिन इसका लाभ खुद संचालित करने वाला ले रहा है.

फोटो: 07डालपीएच 07

राजेंद्र मोची ने बताया कि गांव में सड़क की स्थिति ठीक नहीं है. सड़क का निर्माण अति आवश्यक है. विकास योजना संचालित नहीं है. रोजगार की सुविधा नहीं है. लोग जीविकोपार्जन के लिए पलायन कर रहे हैं.

फोटो: 07डालपीएच 05

अनीता देवी ने बताया कि सरकार के बड़े-बड़े दावे सिर्फ कागजी प्रक्रिया तक सिमट कर रह गया. सरकार आपके द्वारा कार्यक्रम हुआ, लेकिन शिविर में पोर्टल बंद रहने के कारण मंईयां व अबुआ आवास का फार्म ही नहीं भरा जा सका. आवेदन लेकर रख लिया गया. बताया कि मंईयां सम्मान योजना का लाभ से बहुत महिलाएं वंचित हैं.

फोटो: 07डालपीएच 11

सामाजिक कार्यकर्ता उमेश सिंह ने बताया कि बुनियादी सुविधा भी गांव के लोगों को नहीं मिल पा रहा है. गांव में विकास योजना भी बंद पड़ा है. लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है. मनरेगा भी ठप पड़ा हुआ है. इसे लेकर अधिकारी उदासीन हैं. स्थानीय विधायक सह मंत्री राधाकृष्ण किशोर से गांव के प्रमुख समस्या को दूर करने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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