Jharkhand Govt School : प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं झारखंड के ये सरकारी स्कूल

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 23 Dec 2025 11:30 AM

विज्ञापन

सरकारी विद्यालय निजी विद्यालय को दे रहे हैं मात (Photo: X)

Jharkhand Govt School : झारखंड के पलामू जिले के कई सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूल को मात देते नजर आ रहे हैं. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन व संस्कार का संगम यहां नजर आ रहा है. पढ़ें यह खास रिपोर्ट.

विज्ञापन

Jharkhand Govt School : पलामू जिले के कई सरकारी स्कूल में शैक्षणिक वातावरण में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है. कभी उपेक्षा का शिकार रहे ये स्कूल अब साफ-सुथरे भवन, अनुशासित माहौल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण प्राइवेट स्कूल को टक्कर दे रहे हैं. स्कूल में बिजली, पानी, रैंप, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं. साथ ही डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम और कंप्यूटर लैब के माध्यम से आधुनिक तकनीक को पढ़ाई से जोड़ा गया है.

कला, खेलकूद और सह-पाठ्य गतिविधियों को बढ़ावा देकर बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है. शांत और अनुशासित वातावरण में बच्चों की पढ़ाई देख अभिभावकों में भी संतोष और हर्ष का माहौल है. खास बात यह है कि इन विद्यालयों में कोई अतिरिक्त फंडिंग नहीं हो रही, बल्कि स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की इच्छाशक्ति ही इस बदलाव की असली वजह है. प्रभात खबर की टीम ने जिले के कुछ ऐसे ही सरकारी विद्यालयों का जायजा लिया.

पांकी : उत्क्रमित मवि हरैया दे रहा प्राइवेट स्कूल से बेहतर शिक्षा

पांकी प्रखंड की पांकी पूर्वी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरैया आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उदाहरण बन चुका है. विद्यालय में कुल 283 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से प्रतिदिन औसतन 231 बच्चे नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं. चहारदीवारी से सुरक्षित परिसर, हरियाली और फूल-पौधों से सजा कैंपस विद्यालय की सुंदरता बढ़ाता है. बच्चे पूर्ण यूनिफॉर्म में अनुशासन के साथ पढ़ाई करते नजर आते हैं. शैक्षणिक स्तर में निरंतर सुधार का प्रमाण यह है कि हाल ही में दर्जनों विद्यार्थियों ने नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा दी है. विद्यालय में डेमो क्लास, कंप्यूटर क्लास और आधुनिक शिक्षण तकनीकों के माध्यम से बच्चों पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जा रहा है. हालांकि संसाधन और शिक्षकों की संख्या अब भी चुनौती है, फिर भी शिक्षक और सरकार मिलकर इसे दूर करने का प्रयास कर रहे हैं. विद्यालय में सचिव शिक्षक मोहम्मद फारुक अहमद, सहायक अध्यापक नरेंद्र सिंह, सहायक आचार्य मिथलेश कुमार दुबे एवं कंप्यूटर शिक्षक मोहम्मद आशिक अंसारी कार्यरत हैं.

हरिहरगंज : नवसृजित प्रावि बना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मिसाल

हरिहरगंज प्रखंड के पिरोजी गांव स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय अपने बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सकारात्मक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में पहचान बना चुका है. चहारदीवारी से सुरक्षित विद्यालय परिसर में फूल और औषधीय पौधे लगाये गये हैं. सरस्वती माता की प्रतिमा बच्चों में संस्कार और प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है. विद्यालय में टीवी, खेल सामग्री सहित आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हैं. कक्षा एक से पांच तक के 138 छात्र-छात्राएं यहां नियमित रूप से अध्ययनरत हैं. तीन शिक्षक स्नेहपूर्ण और अनुशासित माहौल में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं. प्रधानाध्यापक नीरज कुमार पाठक के नेतृत्व में स्वच्छता, नियमित मॉर्निंग असेंबली और टीम भावना से बच्चों का सर्वांगीण विकास हो रहा है.

हुसैनाबाद: अलग पहचान बना रहा राजकीयकृत मवि

हुसैनाबाद शहर के आंबेडकर चौक स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए अलग पहचान रखता है. अनुशासन, साफ-सफाई, नियमित मॉर्निंग असेंबली और प्रेरक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाता है. प्रभारी प्रधानाध्यापक कन्हैया प्रसाद के नेतृत्व में वरीय शिक्षक मो. जुबैर अंसारी, राजेश कुमार गुप्ता, राजेश श्रीवास्तव, सुषमा पांडेय, रश्मि प्रकाश सहित शिक्षकों की टीम भावना सराहनीय है. नियमित शिक्षक-अभिभावक बैठकों के माध्यम से बच्चों की प्रगति का आकलन किया जाता है. मॉर्निंग असेंबली में प्रार्थना, राष्ट्रगान, संविधान की प्रस्तावना, सामान्य ज्ञान, न्यूज क्विज और करेंट अफेयर्स पर चर्चा की जाती है। प्रत्येक शनिवार को प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित होती है. शिक्षकों की टीम भावना का ही परिणाम है कि विद्यालय के विद्यार्थी हर वर्ष राज्य व राष्ट्रीय मेधा छात्रवृत्ति समेत विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं.

पांडू : 2600 विद्यार्थियों का सांवर रहा भविष्य

पांडू प्रखंड मुख्यालय स्थित प्लस टू कल्याण उच्च विद्यालय में लगभग 2600 विद्यार्थियों का भविष्य सांवारा जा रहा है. विद्यालय के प्राचार्य देवेश कुमार पाल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर गंभीर हैं. पहले जहां विद्यालय दो शिक्षकों के भरोसे चलता था, वहीं अब यहां 18 शिक्षक सहित कुल 21 कर्मचारी कार्यरत हैं. विद्यालय का शैक्षणिक माहौल बेहतर है और प्रतिवर्ष मैट्रिक व इंटर में 90 प्रतिशत से अधिक परिणाम आता है. आइसीटी लैब, व्यावसायिक शिक्षा, गार्डन, ओपन जिम और शौचालय जैसी सभी सुविधाएं विद्यालय में उपलब्ध हैं.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola