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417 करोड़ की लागत वाले छतरपुर सोन जलापूर्ति परियोजना का सेंट्रल टीम ने लिया जायजा, 6 साल में 17 प्रतिशत ही हुआ काम

Updated at : 12 Jun 2025 12:09 PM (IST)
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Jal Jeevan Mission Yojana Chhatarpur Palamu Jharkhand

जल जीवन मिशन योजना की जांच के लिए पहुंची सेट्रल टीम. फोटो : प्रभात खबर

Jal Jeevan Mission Yojana: जल जीवन मिशन की सेंट्रल टीम ने सिलदाग पंचायत में भ्रमण कर वहां पेयजल की स्थिति की जानकारी ली. नोडल पदाधिकारी ने सिलदाग पंचायत में पानी की किल्लत को देखते हुए आश्वासन दिया कि इस परियोजना का लाभ सिलदाग पंचायत के लोगों को भी मिलेगा. बताया गया कि छतरपुर अनुमंडल क्षेत्र के कई गांवों में सोन नदी से पाइप के माध्यम से जलापूर्ति होनी है. 417 करोड़ की लागत से यह परियोजना जनवरी 2019 में शुरू हुई थी. 24 माह में इसे पूरा करना था.

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Jal Jeevan Mission Yojana| छतरपुर (पलामू), निखिल सिन्हा : पलामू जिले के छतरपुर सोन जलापूर्ति परियोजना का कार्य अधर में लटका हुआ है. इस परियोजना की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए बुधवार को जल जीवन मिशन की सेंट्रल टीम पहुंची. नोडल पदाधिकारी करमजीत कौर, पलामू डीसी समीरा एस, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारी शामिल थे. सेंट्रल टीम के नोडल पदाधिकारी करमजीत कौर जपला के समीप सोन नदी पहुंचीं और निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया.

सेंट्रल टीम ने इन गांवों का किया भ्रमण

इसके बाद टीम इस परियोजना के पोषक क्षेत्र पीपरा प्रखंड के चपरवार, छतरपुर प्रखंड के बाचकोमा, विषयपुर, सिलदाग खुर्द, खेंद्रा कलां और गोठा गांव का भ्रमण किया. इस दौरान परियोजना की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया. नोडल पदाधिकारी ने बताया कि इस परियोजना का दायरा भविष्य में बढ़ेगा और नौडीहा बाजार, पीपरा आदि के लोगों को जलापूर्ति योजना का लाभ मिलेगा.

नोडल पदाधिकारी ने सिलदाग पंचायत को दिया आश्वासन

टीम ने सिलदाग पंचायत में भ्रमण कर वहां पेयजल की स्थिति की जानकारी ली. नोडल पदाधिकारी ने सिलदाग पंचायत में पानी की किल्लत को देखते हुए आश्वासन दिया कि इस परियोजना का लाभ सिलदाग पंचायत के लोगों को भी मिलेगा. बताया गया कि छतरपुर अनुमंडल क्षेत्र के कई गांवों में सोन नदी से पाइप के माध्यम से जलापूर्ति होनी है. 417 करोड़ की लागत से यह परियोजना जनवरी 2019 में शुरू हुई थी. 24 माह में इसे पूरा करना था.

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6 साल बाद भी पूरी नहीं हुई परियोजना

इस परियोजना को पूरा करने की जिम्मेवारी तमिलनाडु के आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड को दी गयी थी. 6 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह परियोजना पूर्ण नहीं हो सकी. धरातल पर परियोजना नहीं उतर सकी और लोगों को पेयजल का लाभ नहीं मिल पाया. नोडल पदाधिकारी ने बताया कि इस परियोजना की वास्तविक रिपोर्ट केंद्र को दी जायेगी.

सोन नदी के किनारे कार्यों का जायजा लेने पहुंची सेंट्रल टीम. फोटो : प्रभात खबर

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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