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मालगाड़ी की चपेट में आने से घायल,मौत

Updated at : 16 Aug 2025 9:46 PM (IST)
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मालगाड़ी की चपेट में आने से घायल,मौत

शहर थाना क्षेत्र के अबादगंज रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक शनिवार सुबह में मालगाड़ी की चपेट में आने से आबादगंज के रहने वाले 68 वर्षीय अखौरी बिंदेश्वर सहाय की मौत हो गयी.

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मेदिनीनगर. शहर थाना क्षेत्र के अबादगंज रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक शनिवार सुबह में मालगाड़ी की चपेट में आने से आबादगंज के रहने वाले 68 वर्षीय अखौरी बिंदेश्वर सहाय की मौत हो गयी. सूचना के बाद एमएमसीएच स्थित टीओपी पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर एमएमसीएच में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है. मृतक के पुत्र गिरीश सहाय ने पुलिस को बताया कि शनिवार की सुबह अखौरी बिंदेश्वर सहाय टहलने निकले थे. वे प्रतिनिधि टहलने जाते थे. इसी क्रम में आबादगंज रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक मालगाड़ी के चपेट में आने से उनका बायां पैर आधा कप गया था. उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी. जख्मी हालत में उन्हें एमएमसीएच में भर्ती कराया गया. गंभीर स्थिति में रिम्स रेफर किया गया था. रिम्स ले जाने के क्रम में रास्ते में हीं मौत हो गयी. पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है.

बाल संरक्षण गृह में शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन

विजयी प्रतिभागी पुरस्कृतफोटो 16 डालपीएच – 19

मेदिनीनगर. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बाल संरक्षण गृह में चेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. चेस प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागी को पुरस्कृत किया गया. मौके पर पलामू के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय, डीसी समीरा एस, कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश संजीव कुमार दास ,जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन उपस्थित थे. मौके पर प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडेय ने कहा कि बाल सुधार गृह में बच्चों को सुधारने के लिए रखा गया है, ताकि उनका दिनचर्या में सुधार हो सके. सही ढंग से जीवन व्यतीत कर सके. कहा कि बाल सुधार गृह में बच्चों को पठन-पाठन की व्यवस्था की गयी है. ताकि बच्चे यहां से निकले तो सभ्य शिक्षित नागरिक की तरह जीवन व्यतीत करें. बाल सुधार गृह में नकारात्मक सोच को बदले व सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें, ताकि आपके अंदर के बुराई व अवगुण मिट सके. मौके पर डीसी समीरा एस ने कहा कि डालसा व जिला प्रशासन की ओर से बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को विशेष रूप से ध्यान रखा गया है. इनके रहन-सहन पठन पाठन व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखा गया है. यहां रह रहे बच्चे पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें. शिक्षा से ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है. मौके पर न्यायिक पदाधिकारी ने भी बच्चे को जीवन शैली के बारे में जानकारी दी. कहा कि बच्चों से अगर गलती हो गयी है, तो वे इसमें सुधार लायें. यहां से निकलने के बाद बेहतर जिंदगी व्यतीत करने का प्रयास करें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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