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एचआइवी संक्रमित मरीज चार घंटे भटका, जांच के बिना लौटा

Updated at : 04 Nov 2025 10:02 PM (IST)
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एचआइवी संक्रमित मरीज चार घंटे भटका, जांच के बिना लौटा

मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बंद पड़ा मेडाल जांच केंद्र

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मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बंद पड़ा मेडाल जांच केंद्र

रामनरेश तिवारी, मेदिनीनगर

मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) में मंगलवार को एचआइवी से संक्रमित एक 60 वर्षीय मरीज जांच के लिए घंटों भटकता रहा. रेहला थाना क्षेत्र के रहने वाले यह बुजुर्ग मरीज एक पैर से दिव्यांग भी है. उनका कहना है कि चिकित्सक ने उन्हें जांच कराने के लिए कहा था, लेकिन कोई सैंपल लेने को तैयार नहीं हुआ. मरीज ने बताया कि करीब चार घंटे तक अस्पताल के विभिन्न कक्षों के चक्कर लगाने के बाद वह मेडाल जांच केंद्र पहुंचा, जहां मौजूद लोगों ने बताया कि पिछले लगभग 20 दिनों से केंद्र बंद है. उसने कहा कि पहले मेडाल केंद्र में सैंपल लेकर जांच की जाती थी और रिपोर्ट मिलने पर दवा भी उपलब्ध करायी जाती थी. लेकिन अब जांच ठप हो जाने से इलाज में कठिनाई हो रही है. अंततः निराश होकर वह बिना जांच कराये लौट गया.

भीड़ और सीमित समय से जांच में परेशानी

अस्पताल कर्मियों के अनुसार, एमएमसीएच में जांच केंद्र सुबह 10 बजे खुलता है, जहां दो सीबीसी मशीनें लगी हैं. दो घंटे बाद केंद्र बंद कर दिया जाता है और फिर शाम 4 से 6 बजे तक ही सैंपल लिया जाता है. मरीजों की अधिक भीड़ के कारण लोगों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ता है. कई दुष्कर्म पीड़ितों के मेडिकल परीक्षण में भी देरी हो रही है, वहीं एचआइवी संक्रमित मरीजों को रिपोर्ट न मिलने से दवा नहीं मिल पा रही है. लहलहे निवासी पूजा कुमारी ने बताया कि वह सोमवार से जांच कराने की कोशिश कर रही हैं. थायराइड और सीबीसी जांच न होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है.

सरकार ने दी थी दो माह की अवधि बढ़ोतरी

राज्य सरकार ने मेडाल जांच केंद्र को दो माह के लिए अवधि विस्तार दिया था, लेकिन संस्था ने जांच कार्य शुरू नहीं किया. कर्मियों का कहना है कि यदि सरकार एक वर्ष के लिए विस्तार देगी, तभी जांच केंद्र फिर से चालू करने पर विचार किया जायेगा. जानकारी के अनुसार, मशीनें और उपकरण खोलने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है. सरकार और मेडाल संस्था के बीच समन्वय की कमी के कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पहले जहां अस्पताल में 24 घंटे जांच की सुविधा थी, वहीं अब निजी लैब संचालक मरीजों से जांच के नाम पर मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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