फोरलेन सड़क बन रहा चकाचक, एनएच 75 बदहाल

स्थानीय लोग | Prabhat Khabar Network
पलामू जिले के एनएच 75 पर बने गहरे गड्ढों के कारण राहगीर परेशान हैं। प्रशासन की उदासीनता से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। जानें पूरी खबर।
मेदिनीनगर. आवागमन को सुलभ बनाने के लिए सरकार के द्वारा पलामू जिले में कई जगहों पर फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे सड़कें चकाचक बन रही हैं. लेकिन दूसरी तरफ, पुरानी सड़कों व मुख्य मार्गों का हाल खस्ता हो चुका है. इन सड़कों के जर्जर होने से आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, मगर सरकार या संबंधित विभाग इसे लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं.
जिला मुख्यालय मेदिनीनगर शहरी क्षेत्र की प्रमुख सड़कों की स्थिति काफी बदहाल हो गयी है. खासकर शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले एनएच 75 की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है. चियाकी हवाई अड्डा से लेकर रेड़मा चौक, बैरिया चौक होते हुए बीसफूटा पुल चौक तक करीब आठ किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह जर्जर अवस्था में है. इस मुख्य मार्ग पर जगह-जगह एक से डेढ़ फीट गहरे बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं, जिससे वाहनों के परिचालन में हर वक्त खतरा बना रहता है.
जल निकासी की व्यवस्था न होने से टूटी सड़कस्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में जल जमाव के कारण सड़क टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गयी है. विभाग द्वारा एनएच 75 पर नाली का निर्माण नहीं कराये जाने के कारण बारिश का सारा पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है. पिछले साल भी पानी जमा होने से सड़क खराब हुई थी, लेकिन विभाग ने स्थायी समाधान करने के बजाय केवल खानापूर्ति के लिए गड्ढों को भर दिया था.
नाली न होने की वजह से समस्या जस की तस बनी हुई है. वर्तमान में शहर के दुर्गा पेट्रोल पंप, डीआईजी आवास, हाउसिंग कॉलोनी मोड़, बैरिया चौक और निमियां देवी मंडप के समीप सड़क बेहद जर्जर हो चुकी है. बैरिया चौक के पास तो करीब 30 फीट तक सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, जहां बारिश का पानी भर जाने से वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं मिल पाता और लगातार दुर्घटनाएं होती रहती हैं.
प्रतिदिन होता है सैकड़ों वाहनों का परिचालन
यह मार्ग शहर का सबसे प्रमुख और व्यस्त मार्ग है. रांची से मेदिनीनगर, औरंगाबाद, गढ़वा और पलामू जिले के विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों के लिए चलने वाली बसें और अन्य भारी वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं. इसके अलावा दोपहिया और चारपहिया वाहनों का दबाव भी इस सड़क पर काफी अधिक रहता है. सड़क पर बने इन जानलेवा गड्ढों के कारण अब तक कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं.
प्रशासन और विभाग की उदासीनता से आक्रोशस्थानीय नागरिकों और वार्ड पार्षदों-विवेकानंद त्रिपाठी, सोनू कुमार, मनीष उपाध्याय व रवि मेहता ने इस बदहाली के लिए जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है. राष्ट्रीय उच्च पथ विभाग द्वारा भी स्थिति में सुधार के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मुख्य मार्ग पर जल निकासी के लिए तुरंत नाली का निर्माण कराया जाये और सड़क का चौड़ीकरण व मरम्मत कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाये.
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By Prabhat Khabar News Desk
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