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झारखंड: पलामू में बोले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, अपने कर्म व संस्कार से दिखें सनातनी,धर्म की रक्षा आपका कर्तव्य

Updated at : 23 Nov 2023 7:53 PM (IST)
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झारखंड: पलामू में बोले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, अपने कर्म व संस्कार से दिखें सनातनी,धर्म की रक्षा आपका कर्तव्य

प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि किसी भी बुराई के आगे नहीं झुकें. बच्चे अपने माता-पिता के चरणों में झुकें. भूखे को भोजन, प्यासे को पानी पिलाएं. अपने सनातन के प्रति सम्मान रखें. ठाकुर जी से अपनी सारी बातें कहें. सत्कर्म की पूंजी कमाएंगे तो बैकुंठ धाम को प्राप्त करेंगे.

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मेदिनीनगर(पलामू), चंद्रशेखर सिंह: पलामू के मेदिनीनगर बाइपास हाउसिंग कॉलोनी में परशुराम युवा वाहिनी के नेतृत्व में आयोजित श्रीमद्भागवत पुराण कथा की शुरुआत देवकीनंदन ठाकुर ने भगवान गणेश व श्रीमद्भागवत गीता की पूजा के साथ की. श्रीमद्भागवत पुराण कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि धर्मो रक्षति रक्षित: धर्म की रक्षा करना हर सनातनी का कर्तव्य है. धर्म की रक्षा करने वालों की रक्षा स्वयं भगवान श्रीकृष्ण करते हैं. पत्रकार, कलाकार व राजनीतिज्ञ सभी का कर्तव्य है धर्म की रक्षा करना. यज्ञ के संरक्षक अर्जुन पांडेय व उषा पांडेय ने देवकीनंदन ठाकुर का स्वागत किया. अर्जुन पांडेय की पुत्रवधू संजना पांडेय ने कहा कि देवकीनंदन ठाकुर ने पलामू की धरती को पावन किया है. उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा करने व युवा पीढ़ी को धर्म व संस्कृति के प्रति जागरूक करने के लिए देवकीनंदन ठाकुर के प्रति आभार प्रकट किया. कार्यक्रम में महिलाओं की काफी भीड़ उमड़ी. मंच संचालन विष्णु शर्मा ने किया. कार्यक्रम में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने राधे-राधे का जयकारा लगाया.

धर्म की रक्षा करना सनातनियों का कर्तव्य

प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने श्रीमद्भागवत पुराण के प्रथम श्लोक सच्चिदानंद रुपाय विश्वोत्पत्यादि हेतवे तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय नुमः…का वाचन करते हुए कहा कि सच्चिदानंद स्वरुप भगवान श्री कृष्ण को हम नमस्कार करते हैं जो इस जगत की उत्पत्ति, स्थिति और विनाश तथा आध्यात्मिक, आधिदैविक और आधिभौतिक तीनों प्रकार के तापों का नाश करने वाले हैं. व्यक्ति का आनंद, ज्ञान व सत्ता सीमित है, लेकिन ठाकुर जी का असीमित. मनुष्य अपने कल्याण के लिए श्रीमद्भागवत पुराण की कथा सुने. सद्गति मिलेगी. सुखी रहने के लिए ठाकुर जी के दल में आना पड़ेगा, तो व्यक्ति सभी दलदलों से मुक्त हो जायेगा. उन्होंने कहा कि कोई बोलने से हिंदू नहीं कहलायेंगे. व्यवहार में झलकना चाहिए. धर्म की रक्षा करना सभी सनातनियों का कर्तव्य है. देवकीनंदन ठाकुर ने श्रद्धालुओं से पूछा कि आप सभी सच्चे हिंदू हैं, तो माथे पर ना तिलक है ना शिखा. हाथों में कलावा नहीं. आजकल के बच्चे डिप्रेशन में चले जाते हैं. उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को गुड-मॉर्निंग व गुड-नाइट नहीं सिखलायें. पुत्रियां माता-पिता को हाथ जोड़कर नमस्कार करें व पुत्र साष्टांग दंडवत करें.

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मित्रों की नहीं, मां-बाप की बात मानिए

प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि किसी भी बुराई के आगे नहीं झुकें. बच्चे अपने माता-पिता के चरणों में झुकें. भूखे को भोजन, प्यासे को पानी पिलाएं. अपने सनातन के प्रति सम्मान रखें. ठाकुर जी से अपनी सारी बातें कहें. सत्कर्म की पूंजी कमाएंगे तो बैकुंठ धाम को प्राप्त करेंगे. आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए प्रयास करें. उन्होंने कहा कि अपने कर्म व संस्कार से सनातनी दिखना चाहिए. उन्होंने कहा कि कार्तिक महीने में श्रीमद्भागवत कथा सुनने का महात्म्य अलौकिक है. जब मनुष्य को सोचने की शक्ति का समापन हो जाता है तब श्रीमद्भागवत कथा सुनने का महात्म्य सुनने की शुरुआत होती है. जो प्राणी निस्वार्थ भाव से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है और जो भौतिक सुखों की कामना के साथ कथा-श्रवण करते हैं, उनकी भी कामना पूरी होती है. इस संस्कार का ज्ञान होना चाहिए. मनुष्य को मन के मुताबिक जीवन जीना नहीं चाहिए. शास्त्र-सम्मत जीवन जीना चाहिए. मित्रों की नहीं, मां-बाप की बात माननी चाहिए.

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देवकीनंदन ठाकुर ने पलामू की धरती को किया पावन

मुख्य यजमान प्रभात रंजन पांडेय व रंजना पांडेय, शैलेश दुबे व सुनीता दुबे आदि ने भागवत भगवान की है आरती, पापियों को तारती है आरती… बोल के साथ भजन किया. आशीष भारद्वाज ने देवकीनंदन ठाकुर के कार्यों से परिचय कराया. यज्ञ के संरक्षक अर्जुन पांडेय व उषा पांडेय ने देवकीनंदन ठाकुर का स्वागत किया. अर्जुन पांडेय की पुत्रवधू संजना पांडेय ने कहा कि देवकीनंदन ठाकुर ने पलामू की धरती को पावन किया है. उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा करने व युवा पीढ़ी को धर्म व संस्कृति के प्रति जागरूक करने के लिए देवकीनंदन ठाकुर के प्रति आभार प्रकट किया. कार्यक्रम में महिलाओं की काफी भीड़ उमड़ी. मंच संचालन विष्णु शर्मा ने किया. कार्यक्रम में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने राधे-राधे का जयकारा लगाया.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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