ePaper

गैरमजरूआ भूमि के बंदोबस्त सहित 12 सूत्री मांग पर सीपीआइ का प्रदर्शन

Updated at : 18 Aug 2025 9:20 PM (IST)
विज्ञापन
गैरमजरूआ भूमि के बंदोबस्त सहित 12 सूत्री मांग पर सीपीआइ का प्रदर्शन

केंद्र व राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण जनता त्रस्त : भुनेश्वर मेहता

विज्ञापन

केंद्र व राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण जनता त्रस्त : भुनेश्वर मेहता

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

गैर मजरूआ भूमि को गरीब, दलित और आदिवासियों के नाम बंदोबस्त करने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने सहित 12 सूत्री मांगों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने सोमवार को समाहरणालय के मुख्य द्वार पर रोषपूर्ण प्रदर्शन किया. इससे पूर्व रैली रेड़मा चौक स्थित पार्टी कार्यालय से निकाली गयी, जिसका नेतृत्व जिला सचिव रुचिर कुमार तिवारी ने किया. प्रदर्शन में जिले के विभिन्न गांवों से आये गरीब, दलित व आदिवासी परिवारों ने अपने हक-अधिकार की आवाज बुलंद की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. बाद में 12 सूत्री मांग पत्र डीसी के नाम सदर सीओ अमरदीप सिंह बलहोत्रा को सौंपा गया.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही हैं. उनके एजेंडे में गरीब, किसान और मजदूर शामिल नहीं हैं. शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का निजीकरण बढ़ रहा है तथा सरकारी नौकरियां लगातार घट रही हैं. पलामू में उद्योग-धंधों की कमी के कारण बेरोजगारी विकराल रूप ले चुकी है.

उन्होंने याद दिलाया कि 1989 में सीपीआइ ने जमींदारों से छीनकर लगभग 10 हजार हेक्टेयर गैरमजरूआ जमीन गरीब, दलित व आदिवासियों के बीच बांटी थी, लेकिन आज तक उस जमीन का रसीद उनके नाम नहीं कटा. पूर्व जमींदार परिवार प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से उसे निजी कंपनियों को बेचने का प्रयास कर रहे हैं. सीपीआइ के राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि राज्य सरकार ने जनता से वादा खिलाफी की है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गरीबों की जमीन छीनकर भूमि बैंक बनाया और मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जोतदारों को बंदोबस्त का आश्वासन दिया था. लेकिन सात वर्ष बीतने के बाद भी गरीबों को जमीन का अधिकार नहीं मिला है, बल्कि गैर-मजरूआ जमीन उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी है.

जिला सचिव रुचिर तिवारी ने पलामू को झारखंड की उप राजधानी बनाने की मांग की और कहा कि यहां गरीबी व पिछड़ेपन को दूर करना समय की मांग है. वरिष्ठ नेता सूर्यपत सिंह ने भू-हदबंदी कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता बतायी. मौके पर जितेंद्र सिंह, मनाजरूल हक, कृष्ण मुरारी दुबे, गणेश सिंह, दयानंद पांडेय, जनेश्वर राम, चंद्रशेखर तिवारी, सुरेश ठाकुर, नसीम राइन, गिरिजा राम, महेंद्र राम, उमेश सिंह चेरो, राजेंद्र बैठा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DEEPAK

लेखक के बारे में

By DEEPAK

DEEPAK is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola