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नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी तेज, पलामू में बदले सियासी समीकरण

Updated at : 12 Jan 2026 9:51 PM (IST)
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नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी तेज, पलामू में बदले सियासी समीकरण

आरक्षण रोस्टर जारी होते ही मेदिनीनगर निगम का मेयर पद महिला के लिए आरक्षित

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आरक्षण रोस्टर जारी होते ही मेदिनीनगर निगम का मेयर पद महिला के लिए आरक्षित राकेश पाठक, मेदिनीनगर झारखंड में नगर निकायों के आगामी चुनाव की तैयारियां तेज हो गयी हैं. पलामू जिले में भी पांच नगर निकायों के चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी चल रही है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त समीरा एस की देखरेख में चुनाव से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जिले में एक नगर निगम, एक नगर परिषद और तीन नगर पंचायतों के लिए चुनाव होने हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी नगर निकायों के लिए आरक्षण तय करते हुए रोस्टर जारी कर दिया है. इसमें वार्ड पार्षदों के साथ-साथ नगर निगम के मेयर, नगर परिषद और नगर पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण भी शामिल है. सरकार ने इस बार नगर निकाय चुनाव गैर-दलीय आधार पर बैलेट पेपर से कराने का निर्णय लिया है. मेयर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों का चुनाव सीधे जनता करेगी, जबकि डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष का चुनाव निर्वाचित पार्षदों में से किया जायेगा. आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद पलामू के शहरी इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं. मेदिनीनगर नगर निगम का मेयर पद और विश्रामपुर नगर परिषद का अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किया गया है. वहीं छतरपुर नगर पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित अन्य, हरिहरगंज नगर पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला और हुसैनाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति अन्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है. महिला ही बन सकेंगी निगम के मेयर की उम्मीदवार राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में मेदिनीनगर नगर परिषद को उन्नत कर नगर निगम का दर्जा दिया था. इसके साथ ही शहर से सटे 16 राजस्व गांवों को निगम क्षेत्र में शामिल किया गया. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उस समय निगम क्षेत्र की आबादी 1,58,943 थी, जबकि वर्तमान में यह संख्या दो लाख से अधिक हो चुकी है. नगर निगम 35 वार्डों में विभाजित है. पहला चुनाव अप्रैल 2018 में हुआ था, लेकिन वर्ष 2023 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब तक चुनाव नहीं हो सका. लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर नगर निगम चुनाव की संभावना प्रबल हो गयी है. आयोग द्वारा जारी आरक्षण के अनुसार इस बार मेयर पद पर केवल महिला उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकेंगी. इससे पहले पुरुष वर्ग के कई नेता मेयर पद की तैयारी में जुटे हुए थे. नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज सिंह, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश सिंह उर्फ मंगल सिंह, धनंजय त्रिपाठी, पंकज श्रीवास्तव, भाजपा नेता परशुराम ओझा, आशीष भारद्वाज, विधायक प्रतिनिधि राजकुमार गुप्ता उर्फ ट्विंकल, युगल किशोर चंद्रवंशी, शैलेंद्र कुमार शैलू, पंकज जायसवाल, झामुमो के सन्नू सिद्दीकी समेत कई नाम चर्चा में थे. वर्षों से सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय रहे इन नेताओं की उम्मीदों को महिला आरक्षण ने झटका दिया है. मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होने के बाद निगम क्षेत्र का राजनीतिक समीकरण बदल गया है. अब कई संभावित दावेदार महिला प्रत्याशी उतारने की रणनीति बना रहे हैं. पूर्व मेयर अरुणा शंकर, नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष पूनम सिंह, निर्मला तिवारी और भाजपा नेत्री मीना गुप्ता पहले से ही चुनावी सक्रियता दिखा रही हैं. वहीं झामुमो महिला जिलाध्यक्ष सुशीला मिश्रा, शीला श्रीवास्तव समेत अन्य महिला नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं. आरक्षण के कारण कई वार्डों में पार्षद पद के समीकरण भी बदल गए हैं. शहर में चुनावी चर्चा तेज नगर निगम चुनाव को लेकर शहर के चौक-चौराहों, चाय दुकानों और सामाजिक बैठकों में चर्चाओं का दौर जारी है. राजनीतिक समझ रखने वाले लोग खास तौर पर मेयर पद के चुनाव को लेकर अटकलें लगा रहे हैं. साथ ही वार्ड स्तर पर पार्षद पद के संभावित उम्मीदवारों और समीकरणों पर भी जोरदार चर्चा हो रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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