चार अनाथ बच्चियों से मिले पलामू के युवा कांग्रेसी नेता प्रशांत किशोर, शिक्षा और सुरक्षा का दिलाया भरोसा

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पलामू के छतरपुर स्थित खेंदरा गांव में बच्चियों और उनके परिजनों से मिलते कांग्रेस के युवा नेता प्रशांत किशोर. फोटो: प्रभात खबर

पलामू के छतरपुर स्थित खेंदरा गांव में बच्चियों और उनके परिजनों से मिलते कांग्रेस के युवा नेता प्रशांत किशोर. फोटो: प्रभात खबर

युवा कांग्रेसी नेता प्रशांत किशोर ने पलामू के खेंदरा गांव पहुंचकर मां की मौत के बाद अनाथ हुई चार नाबालिग बच्चियों से मुलाकात की. उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी और बच्चियों की शिक्षा व सुरक्षा का भरोसा दिलाया.

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पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Palamu News: पलामू जिले के छतरपुर विधानसभा क्षेत्र के खेंदरा गांव में मां की मौत के बाद अनाथ हुई चार नाबालिग बच्चियों से युवा कांग्रेसी नेता प्रशांत किशोर ने मुलाकात की. उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान किया, बच्चियों की शिक्षा और सुरक्षा का भरोसा दिलाया तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया. इस दौरान उन्होंने परिवार के प्रति गहरी शोक संवेदना भी व्यक्त की.

14 जुलाई को हुई थी प्रभा कुंवर की मौत

जानकारी के अनुसार, खेंदरा गांव निवासी प्रभा कुंवर का निधन 14 जुलाई को हो गया था. प्रभा कुंवर अपने पीछे चार नाबालिग बेटियां छोड़ गई हैं. इनमें अंजली कुमारी, मनीता कुमारी, अनिता कुमारी और अमृता कुमारी शामिल हैं. परिवार की बड़ी बेटी चंचला कुमारी की शादी पहले ही गढ़वा जिले में हो चुकी है. प्रभा कुंवर की मौत के बाद चारों नाबालिग बच्चियां पूरी तरह असहाय हो गई हैं. घटना की जानकारी मिलने पर प्रशांत किशोर खेंदरा गांव पहुंचे और बच्चियों के साथ-साथ ग्रामीणों से भी मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली.

परिजनों को बंधाया ढांढस, किया आर्थिक सहयोग

प्रशांत किशोर ने मृतका के परिजनों को सांत्वना देते हुए इस दुख की घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया. उन्होंने श्राद्ध कर्म के लिए पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की. उन्होंने कहा कि ऐसी कठिन परिस्थिति में समाज और प्रशासन को आगे आकर परिवार की मदद करनी चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि बच्चियों को सरकार की सभी पात्र योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा.

पिता की पहले ही हो चुकी थी मौत

प्रशांत किशोर ने बताया कि बच्चियों के पिता का निधन करीब छह वर्ष पहले ही हो चुका था. पिता की मृत्यु के बाद प्रभा कुंवर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं. अब मां के निधन के बाद चारों बच्चियां पूरी तरह अनाथ हो गई हैं. उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए भी संवेदनशील विषय है. ऐसे बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है.

कस्तूरबा विद्यालय में नामांकन कराने की पहल

प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता चारों बच्चियों का नामांकन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कराना है. उनका मानना है कि इससे बच्चियां नियमित शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी और सुरक्षित वातावरण में रहकर अपना भविष्य संवार पाएंगी. उन्होंने कहा कि विद्यालय में नामांकन होने से बच्चियों को आवासीय सुविधा, पढ़ाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध होंगी, जिससे उनके जीवन को नई दिशा मिलेगी.

सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा

प्रशांत किशोर ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक एवं राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के निर्देश पर छतरपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पहले ही प्रभा कुंवर के घर पहुंच चुके हैं. बीडीओ द्वारा परिवार को खाद्य सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने कहा कि आगे भी प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बच्चियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उनके पालन-पोषण और शिक्षा में किसी प्रकार की कठिनाई न आए.

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मानवता के साथ खड़े रहने का संकल्प

प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वे परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और भविष्य में भी हरसंभव सहयोग करते रहेंगे. इस अवसर पर छतरपुर प्रखंड यूथ कांग्रेस अध्यक्ष विवेक वर्मा, अंकित सिंह, नरेंद्र कुमार, विशाल कुमार समेत कई स्थानीय ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. सभी ने बच्चियों के बेहतर भविष्य के लिए सामूहिक सहयोग का भरोसा दिलाया.

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कुमार विश्वत सेन

लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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