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बकरी चराने गयी महिला को हाथियों की झुंड ने पटक कर मार डाला

Updated at : 29 Jul 2025 9:59 PM (IST)
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बकरी चराने गयी महिला को हाथियों की झुंड ने पटक कर मार डाला

थाना क्षेत्र के रबदा पंचायत के सलैया गांव में हाथियों की झुंड ने बकरी चराने गयी 52 वर्षीय महिला समुद्री कुंवर को पटक कर मार डाला

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प्रतिनिधि, सतबरवा थाना क्षेत्र के रबदा पंचायत के सलैया गांव में हाथियों की झुंड ने बकरी चराने गयी 52 वर्षीय महिला समुद्री कुंवर को पटक कर मार डाला. घटना मंगलवार की सुबह करीब सात बजे की बतायी जाती है. जानकारी के अनुसार समुंद्री कुंवर घर से करीब आधा किलोमीटर दूर जंगल में बकरी चरा रही थी. इसी क्रम में हाथियों का झुंड वहां अचानक पहुंच गया. समुद्री जान बचाने के लिए पानी से भरा एक नाला में कूद गयी. लेकिन हाथियों के झुंड ने पानी में घुसकर पकड़ लिया और उसे पटक कर मार डाला. साथ में पानो कुंवर भी बकरी चरा रही थी. समुद्री कुंवर को हाथी द्वारा पकड़ने के बाद पानो कुंवर किसी तरह जान बचाकर घर पहुंची और घटना की जानकारी परिजनों व ग्रामीणों को दिया. ग्रामीण एकजुट होकर घटनास्थल पहुंचे. हाथियों के झुंड को औरंगा नदी पार कर जंगल की ओर खदेड़ा. मृतक महिला समुद्री देवी आदिम जनजाति परिवार के परहिया जाति की थी. घटना के बाद वन विभाग के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश है. घटनास्थल क्षेत्र मनिका वन विभाग के अधीन है. सूचना मिलने के बाद सतबरवा थाना के एएसआइ संतोष साहू शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर एमएमसीएच भेज दिया है.

झुंड में दो बड़ा और बच्चा शामिल था

वार्ड सदस्य बबलू परहिया ने बताया कि हाथियों के झुंड में दो बड़ा और बच्चा हाथी था. ग्रामीणों ने ओरंगा नदी पार कर दिया है. वन विभाग मनिका के रेंजर ठाकुर पासवान मृत महिला के पुत्र को दाह संस्कार के लिए मुखिया प्रतिनिधि शंभु उरांव के समक्ष 50 हजार देकर आर्थिक मदद किया. रेंजर ने बताया कि आवश्यक करवाई पूरी करने के बाद साढ़े तीन लाख रुपया और मुआवजा दिया जायेगा. घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

सामाजिक कार्यकर्ता सह पूर्व पंसस धीरज कुमार ने घटना की जानकारी सतबरवा थाना पुलिस, मनिका वन विभाग व सतबरवा सीओ कृष्ण मुरारी तिर्की को जानकारी दिया. उसने बताया कि क्षेत्र में हाथियों का आतंक सालों भर रहता है. सलैया गांव बेतला नेशनल पार्क से सटा हुआ है. हाथी उत्पात मचाकर पुनः जंगल की ओर चले जाते हैं. ग्रामीणों के लिए यह हमेशा जान माल का खतरा बना रहता है. इस पर विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए. पूर्व मुखिया शंभु उरांव ने बताया कि औरंगा नदी से सटे होने के कारण हाथियों के झुंड का सलैया, रांकी कला, फुलवरिया, रबदा, कुकर बंधवा समेत जंगल के सीमावर्ती क्षेत्र में हमेशा आना जाना लगा रहता है. इस घटना से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है. विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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