11.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

मेहनत, मजदूरी कर पढ़े, अब चला रहे स्कूल

अजीत मिश्रा बात वर्ष 2001 की है. मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद दो लीटर केरोसिन और 20 रुपये नकद लेकर लेस्लीगंज के हरतुआ गांव के मोहम्मद शफीक मेदिनीनगर आये थे. घरवाले विरोध कर रहे थे. 14 साल की उम्र में ही घरवालों ने उनकी शादी करा दी. मैट्रिक की परीक्षा पास करने के […]

अजीत मिश्रा
बात वर्ष 2001 की है. मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद दो लीटर केरोसिन और 20 रुपये नकद लेकर लेस्लीगंज के हरतुआ गांव के मोहम्मद शफीक मेदिनीनगर आये थे. घरवाले विरोध कर रहे थे.
14 साल की उम्र में ही घरवालों ने उनकी शादी करा दी. मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद आगे पढ़ने की इच्छा जतायी, तो घर के लोगों ने विरोध किया. कमाने का दबाव पड़ने लगा. शफीक ने परिवार के विरोध को दरकिनार किया और 20 रुपये नकद लेकर मेदिनीनगर चले आये. इंटर में एडमिशन कराया. फीस के पैसे नहीं थे, तो शफीक ने मेहनत-मजदूरी शुरू कर दी. रात में रिक्शा चलाया. इससे मिले पैसों से किताबें खरीदी और कॉलेज की फीस भरी.
पढ़ने के लिए तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन शफीक ने हिम्मत नहीं हारी. उनका संघर्ष रंग लाया. आज पोखराहा खुर्द में स्कूल चलाते हैं. शिक्षा जगत में क्रांति लाना चाहते हैं, क्योंकि शिक्षा से ही इनसान का जीवन बदल सकता है. देश बदल सकता है. उनके न पिता पढ़े-लिखे थे, न उनके पिता यानी दादा. इसलिए सबने उन्हें (शफीक को) पढ़ने से रोका.
शफीक बताते हैं कि जब सातवीं-आठवीं में थे, लोग उनकी मदद करते थे. ढेला के रमेश तिवारी ने मैट्रिक में फीस माफ करवायी.मेदिनीनगर में रामू सर, आलोक सिन्हा और रजी अहमद ने मुफ्त में गणित, भौतिकी और अंगरेजी की शिक्षा दी. लोगों का सहयोग मिलने की वजह से ही वह अपनी पढ़ाई पूरी कर एक सफल इनसान बन सके.
Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel