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मेदिनीनगर : पारा शिक्षकों की गुंडागर्दी के आगे नहीं झुकेगी सरकार : रघुवर दास

Updated at : 20 Nov 2018 7:41 AM (IST)
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मेदिनीनगर : पारा शिक्षकों की गुंडागर्दी के आगे नहीं झुकेगी सरकार : रघुवर दास

मेदिनीनगर में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा मेदिनीनगर : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मेदिनीनगर में कहा कि सरकार पारा शिक्षकों की गुंडागर्दी के आगे झुकनेवाली नहीं है. राज्य स्थापना दिवस समारोह में पथराव करनेवाले कभी शिक्षक नहीं हो सकते. ऐसे पत्थरबाज शिक्षकों की जरूरत झारखंड में नहीं है. जो पारा शिक्षक गुंडागर्दी और पत्थरबाजी करेंगे, […]

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मेदिनीनगर में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा
मेदिनीनगर : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मेदिनीनगर में कहा कि सरकार पारा शिक्षकों की गुंडागर्दी के आगे झुकनेवाली नहीं है. राज्य स्थापना दिवस समारोह में पथराव करनेवाले कभी शिक्षक नहीं हो सकते. ऐसे पत्थरबाज शिक्षकों की जरूरत झारखंड में नहीं है.
जो पारा शिक्षक गुंडागर्दी और पत्थरबाजी करेंगे, उनकी जगह विद्यालयों में नहीं, बल्कि होटवार जेल में होगा. उन पर इतनी दफाएं लगायी जायेगी कि बेल लेने में पसीना छूट जायेगा. उन्होंने कहा कि वह टूट सकते है, लेकिन झुक नहीं सकते.
वहीं, दूसरी ओर उन्होंने पारा शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि वह विपक्षी दलों के झांसे में नहीं आये. अपने काम को ईमानदारी के साथ करें. सेवा स्थायी नहीं होगी, लेकिन सरकार नियम के तहत मानदेय में वृद्धि करेगी. लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी भी समस्या का समाधान धीरे-धीरे ही होता है.
अचानक समस्या दूर नहीं हो सकती. ईमानदारी से पढ़ायें. उन्होंने कहा कि जो शिक्षक हैं, वह पत्थरबाज नहीं हो सकते. लोकतंत्र में सबको विरोध करने का अधिकार है. पारा शिक्षकों को यदि विरोध ही करना था, तो 364 दिन उनके पास था. 15 नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस है. बिरसा मुंडा की जयंती थी, उस दिन समारोह में पथराव कर पारा शिक्षकों ने गुंडागर्दी की है.
झारखंड में कानून का राज्य स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है. जो कोई भी कानून तोड़ेगा, उसके खिलाफ सरकार सख्ती से निपटेगी. पारा शिक्षकों को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि सरकार उनके दबाव में आकर उनके पक्ष में निर्णय लेगी. उक्त बातें मुख्यमंत्री ने कृषि समागम को संबोधित करते हुए कही.
राजनीतिक दल के रूप में कार्य कर रहा है पारा शिक्षकों का एक समूह
मुख्यमंत्री ने पारा शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन करनेवाले विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि आज जो राजनीतिक दल पारा शिक्षकों का समर्थन कर रहे हैं.
उनकी मांगों को जायज ठहरा रहे हैं, जब वह सत्ता में थे, तो उन्होंने पारा शिक्षकों को परमानेंट क्यों नहीं किया ? मुख्यमंत्री ने कहा कि दरअसल पारा शिक्षकों का एक समूह राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता के रूप में काम करने लगा है. यदि पारा शिक्षक नहीं चेते, तो नयी बहाली की जायेगी.
उन्होंने कहा कि वह मजदूर हैं और राज्य की जनता के आशीर्वाद से मजबूत सरकार चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष बनाया है. उसकी राशि में भी वृद्धि की गयी है. कुछ दिन पहले ही उनके मानदेय में भी वृद्धि की गयी है, लेकिन अचानक सब कुछ नहीं बदल जायेगा.
किसानों के कल्याण पर ध्यान
कृषि समागम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि इस साल अच्छी बारिश नहीं होने के कारण 18 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है. कुल 129 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है. वहीं राज्य के 52 किसानों को विशेष प्रशिक्षण के लिए इजराइल भेजा गया है. 2020 तक झारखंड के सभी जरूरतमंदों को पक्का मकान उपलब्ध करा दिया जायेगा. वर्ष 2019 में सोन नदी से पलामू में पानी उपलब्ध कराने की परियोजना का शिलान्यास होगा.
झूठ बोलना फितरत नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में झूठ बोलना उनकी फितरत नहीं है. कहते वही हैं, जो कर सकते हैं. कृषि समागम में सांसद वीडी राम ने किसानों के हित में सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की चर्चा की. राज्य की कृषि सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि सखी मंडल के माध्यम से पशुपालन को बढ़ावा मिले इसके लिए मुख्यमंत्री के निर्देश के आलोक में काम हो रहा है. साथ ही पलामू व गढ़वा जिला में सुखाड़ को देखते हुए तत्काल तीन तरह के राहत पैकेज की घोषणा सरकार ने कर दी है.
कौन-कौन थे मौजूद
मौके पर विधायक राधाकृष्ण किशोर, विधायक हरेकृष्णा सिंह, आलोक चौरसिया, भवन निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार,डीआइजी विपुल कुमार शुक्ला समेत कई लोग मौजूद थे.
लगायी फटकार
झारखंड स्थापना दिवस समारोह में पथराव करनेवाले कभी शिक्षक नहीं हो सकते
ऐसे पत्थरबाज शिक्षकों की जरूरत झारखंड में नहीं
गुंडई करनेवाले पारा शिक्षक भेजे जायेंगे जेल
इतनी दफाएं लगायेंगे कि
बेल लेने में छूट जायेगा पसीना
वह टूट सकते हैं, लेकिन
झुक नहीं सकते दिया आश्वासन
विपक्षी दलों के झांसे में नहीं आयें पारा शिक्षक
ईमानदारी से पढ़ायें, सेवा स्थायी नहीं होगी लेकिन मानदेय बढ़ेगा
पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष बना है, अचानक सब कुछ नहीं बदल जायेगा
दिया आदेश : काम पर नहीं लौटने वाले पारा शिक्षकों को हटायें
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 20 नवंबर तक काम पर नहीं लौटनेवाले हड़ताली पारा शिक्षकों को हटाने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री सोमवार की शाम रांची में पारा शिक्षकों के मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव व शिक्षा सचिव को बुला कर पारा शिक्षकों के संबंध में जानकारी ली.
साथ ही पारा शिक्षकों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी पूछा. उन्होंने कहा कि 20 नवंबर के बाद काम पर नहीं लौटनेवाले पारा शिक्षकों की जगह टेट सफल अभ्यर्थी, सेवानिवृत्त शिक्षक व शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लोगों को स्कूलों में प्रतिनियुक्त किया जायेगा.
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