अर्जित ज्ञान की सार्थकता समाज हित में काम आना है

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मेदिनीनगर : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वर्तमान दौर प्रतिस्पर्द्धा का है. प्रतिस्पर्द्धा के युग में विद्यार्थियों का विकास होना चाहिए. कक्षा में अर्जित ज्ञान की सार्थकता इसमें है कि उसका काम समाज हित में हो. शैक्षणिक संस्थानों का यह प्रयास होना चाहिए कि जो विद्यार्थी शैक्षणिक संस्थानों से निकले, वे सामाजिक व कुशल […]

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मेदिनीनगर : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वर्तमान दौर प्रतिस्पर्द्धा का है. प्रतिस्पर्द्धा के युग में विद्यार्थियों का विकास होना चाहिए. कक्षा में अर्जित ज्ञान की सार्थकता इसमें है कि उसका काम समाज हित में हो. शैक्षणिक संस्थानों का यह प्रयास होना चाहिए कि जो विद्यार्थी शैक्षणिक संस्थानों से निकले, वे सामाजिक व कुशल नागरिक के रूप में विकसित हो. साथ ही नैतिकवान व चरित्रवान बने.
ऐसा व्यक्ति को गढ़ने की जरूरत है. जब हमारे शैक्षणिक संस्थानों से निकलने वाले बच्चे इस आचरण के होंगे, तो निश्चित तौर पर वे देश व समाज के लिए अमूल्य संपदा सिद्ध होंगे. इसलिए आज नैतिकता व चरित्रवान बनने की जरूरत है. न्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह मेधावी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह उपाधि विद्यार्थियों के प्रतिभा, लगन व परिश्रम का प्रतिफल है.
आगे से हर वर्ष समय पर दीक्षांत समारोह होगा, इस तरह का प्रयास किया जायेगा. विद्यार्थी जीवन में आनेवाले सभी चुनौतियों का कुशलता पूर्वक सामना करते हुए राष्ट्र की प्रगति में अपनी हम भूमिका निभायेंगे. सफलता के सर्वोच्च शिखर पर पहुंच कर झारखंड को राष्ट्र स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने में सक्रिय भूमिका अदा करेंगे. कहा कि वर्तमान कुलपति डॉ एसएन सिंह के नेतृत्व में उनकी टीम बेहतर कार्य कर रही है.
विवि के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. विवि का अपना परिसर होने के बाद यह नया स्वरूप प्रदान करेंगे. विवि के विकास में एक नया अध्याय भी जुड़ सकेगा. उन्होंने कहा कि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय नारी उत्थान के दिशा में सशक्त कदम उठा कर सराहनीय कार्य किया है. उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षक वैश्विक, शैक्षणिक गतिविधियों से स्वयं को अनवरत जोड़े व अध्यतन ज्ञान-विज्ञान शोध अनुसंधान से पूर्ण परिचित हो. कार्यक्रम की शुरुआत में कुलपति डॉ एसएन सिंह ने राज्यपाल श्रीमती मुर्मू को स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया. इसके बाद विवि के स्मारिका का विमोचन राज्यपाल ने किया. संचालन कुल सचिव डॉ राकेश कुमार ने किया.
असफलता से विचलित नहीं हों : कुलपति
नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एसएन सिंह ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन एेतिहासिक है. आगे से विवि प्रशासन प्रत्येक वर्ष निश्चित तौर पर दीक्षांत समारोह का आयोजन करेगा, ताकि विद्यार्थियों को ससमय उपाधि पत्र मिल सकें.
कहा कि कभी भी असफलता से विचलित नहीं होना चाहिए. आगे बढ़ने के लिए अपनी खामियों की पहचान कर लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए. मनुष्य जीवन में सबसे बड़ी गलती यही है कि जब वह अपनी गलतियों से कोई सीख नहीं लेता. उन्होंने कहा राज्यपाल महोदया हमेशा नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के विकास के लिए चिंतित रहती है. भविष्य में भी उनका यह सहयोग विश्वविद्यालय को मिलता रहेगा. इसकी हमें उम्मीद है.

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