तीन वर्षों में 46 की मौत पलामू जिले में बढ़ रही है वज्रपात की घटना
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Jul 2018 1:24 AM
विज्ञापन
मेदिनीनगर : पलामू में बढ़ रही आसमानी कहर चिंता का विषय है. पलामू सुखाड़ व अकाल से जूझता रहा है. इस इलाके में प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए जानकार अब जागरूकता पर बल दे रहे हैं. वज्रपात से बचाव के लिए लोगों को जागरूक होना आवश्यक है. पलामू में प्रत्येक वर्ष वज्रपात (ठनका) से […]
विज्ञापन
मेदिनीनगर : पलामू में बढ़ रही आसमानी कहर चिंता का विषय है. पलामू सुखाड़ व अकाल से जूझता रहा है. इस इलाके में प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए जानकार अब जागरूकता पर बल दे रहे हैं. वज्रपात से बचाव के लिए लोगों को जागरूक होना आवश्यक है. पलामू में प्रत्येक वर्ष वज्रपात (ठनका) से औसतन 15 लोगों की मौत हो रही है.
पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर गाैर करें, तो वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2018-2019 में अभी तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है. 2016-17 में 23, 2017-18 में 10 और 2019 में अब तक 23 लोगों की मौत वज्रपात के कारण हो चुकी है. लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार- प्रसार का भी अभाव है. हालांकि, बीच-बीच में आपदा प्रबंधन जागरूकता के लिए प्रखंड स्तर पर कार्यक्रम चलाता है, लेकिन यह प्रसार-प्रचार गांवों तक नहीं पहुंच पाता है. यदि जागरूकता को अभियान का रूप दिया जाये, तो स्थिति में बदलाव आ सकता है.
चिंता का विषय है : राधाकृष्ण किशोर
इस संबंध में सत्तारुढ़ दल के मुख्य सचेतक सह छतरपुर विधायक राधाकृष्ण किशोर का कहना है कि निश्चित तौर पर जो आंकड़ें हैं, वह चिंता का विषय है. पलामू जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तीन वर्षों के दौरान वज्रपात से 55 लोगों की मौत हो चुकी है. वज्रपात से बचाव के लिए लोगों को प्रशिक्षित एवं जागरूक बनाना आवश्यक है. वज्रपात से उपाय के लिए दीवार लेखन, परचा का भी वितरण किया जाना चाहिए. वज्रपात से हो रही मौत की घटनाओं में वृद्धि होना चिंता का विषय है. पलामू में आपदा प्रबंधन, प्राधिकार की क्षमता में वृद्धि करने की जरूरत है. यदि विभाग के पास प्रचार- प्रसार के मद में पैसे का अभाव है, तो जिले के सभी विधायकों से आग्रह कर एक-एक लाख रुपये लेकर प्रचार- प्रसार हो सकता है. इस पर गंभीर होकर सोचने की जरूरत है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










