सेकेंड इनिंग: बड़ी समस्याएं सुलझा सकता है बुजुर्गों का अनुभव
Published by : RAGHAV MISHRA Updated At : 07 May 2025 5:07 PM
सेकेंड इनिंग: बड़ी समस्याएं सुलझा सकता है बुजुर्गों का अनुभव
प्रतिनिधि, पाकुड़: जीवन में निरंतर सीखते रहना और दूसरों को सिखाते रहना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि सीखने की कोई उम्र नहीं होती. ऐसा ही उदाहरण पाकुड़ जिले के कुछ बुजुर्गों के माध्यम से देखने को मिलता है. भले ही सरकार ने सरकारी पदों पर कार्यरत बुजुर्गों को सेवा से निवृत्त कर दिया हो, लेकिन आज भी इनमें सीखने और सिखाने की ललक स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है. उनके अनुभवों का लाभ आज भी सरकारी सेवा में कार्यरत लोग ले रहे हैं. वर्तमान में कार्यरत शिक्षक इनसे प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं. ऐसे कई बुजुर्ग हैं जो सरकारी सेवा से निवृत्त होने के बाद भी समाज में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. वे विद्यालयों में पठन-पाठन से जुड़ी परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए नव नियुक्त शिक्षकों को उचित मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं. यही नहीं, वे अपने अनुभव और ज्ञान से नई पीढ़ी को भी दिशा दिखा रहे हैं तथा समाज को शिक्षित बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं. नवनियुक्त शिक्षकों को मार्गदर्शन दे रहीं चंचला चंचला वर्मा ने वर्ष 2006 में रानी ज्योति बालिका विद्यालय से शिक्षिका के पद से सेवानिवृत्ति ली थी. लेकिन आज भी वे नव नियुक्त शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन देती हैं. वे बच्चों का भविष्य कैसे संवारा जाए, इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करती हैं. यदि कोई शिक्षक या शिक्षिका किसी समस्या से जूझता है, तो वह उनके समाधान में हरसंभव सहायता करती हैं. विद्यार्थियों को माध्यमिक परीक्षा की तैयारी करा रहे वकील मंडल वकील मंडल वर्ष 2019 में रहसपुर मिडिल स्कूल से सेवानिवृत्त हुए. लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद भी उनमें बच्चों को पढ़ाने की इच्छा बरकरार है. वे माध्यमिक परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को सफलता के मंत्र देते हैं. उनका मानना है कि सीखने और सिखाने की कोई उम्र नहीं होती. यदि किसी में सीखने की इच्छा हो, तो वह जीवन के अंतिम क्षण तक सीख सकता है. समाजसेवा में चुनचुन ने समर्पित किया जीवन चुनचुन कापरी वर्ष 2014 में जिकहरटी विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए. सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने खुद को समाज सेवा में समर्पित कर दिया. वे कॉलोनी में दुर्गा पूजा समिति के सक्रिय सदस्य हैं और वर्तमान में पूजा-पाठ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
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