सफाई कर्मियों की हड़ताल से बदहाल हुई नगर परिषद

Published by : SANU KUMAR DUTTA Updated At : 16 May 2026 6:12 PM

विज्ञापन

पाकुड़ में आकांक्षा कंपनी के सफाई कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे कचरा घरों से नहीं उठ पाया और गलियों में बदबू फैल गई। वेतन विसंगति और ड्राइविंग लाइसेंस की मांग को लेकर हड़ताल हुई है। कर्मियों का कहना है कि कंपनी ने वेतन कम करने की बात कही है जबकि पहले 631 रुपये प्रतिदिन दिए जाने का आश्वासन था। कंपनी प्रतिनिधि और सफाई कर्मी बातचीत कर समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं।

विज्ञापन

प्रतिनिधि, पाकुड़ शहर की सूरत बदलने लगी है और गलियों से बदबू उठने लगी है. दरअसल, कचरा उठाव कार्य कर रही आकांक्षा कंपनी के सफाई कर्मियों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही. सफाई कर्मियों द्वारा डोर टू डोर कचरा उठाव बंद रखने से शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. घरों से कूड़ा नहीं उठने के कारण लोग आसपास के खाली स्थानों में कचरा फेंकने को मजबूर दिखे. हालांकि कंपनी प्रतिनिधियों की ओर से सफाई कर्मियों को मनाने का प्रयास लगातार जारी है. मामले को लेकर सफाई सुपरवाइजर मधुसुदन ने बताया कि वेतन विसंगति को लेकर सफाई कर्मियों द्वारा कार्य प्रभावित किया गया है. उन्होंने कहा कि नए नियम के तहत सफाई कर्मियों से ड्राइविंग लाइसेंस की मांग की गई है, लेकिन कर्मियों द्वारा आवश्यक लाइसेंस उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. वहीं सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि कंपनी में करीब 50 कर्मी दो शिफ्टों में कार्य करते हैं और पिछले आठ वर्षों से सेवा दे रहे हैं. कर्मियों का कहना है कि कचरा उठाने वाले हल्के वाहनों के लिए भी कंपनी द्वारा हैवी ड्राइविंग लाइसेंस की मांग की जा रही है, जो अनुचित है. कर्मियों ने यह भी कहा कि महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद कंपनी ने वार्ता में 631 रुपये प्रतिदिन भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब 474 रुपये देने की बात कही जा रही है.

विज्ञापन
SANU KUMAR DUTTA

लेखक के बारे में

By SANU KUMAR DUTTA

SANU KUMAR DUTTA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola