गोलबंद हो बनायी आंदोलन की रणनीति

Updated at : 10 Sep 2016 5:45 AM (IST)
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गोलबंद हो बनायी आंदोलन की रणनीति

मामला 500 एकड़ में लगी प्याज की फसल नष्ट हो जाने का पाकुड़ : प्रशासन की सुस्त रवैया से तंग आ कर मनिरामपुर पंचायत के किसान आंदोलन को लेकर अब कमर कसना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को पूर्व जिला परिषद सदस्य हाजीकुल आलम व मनिरामपुर पंचायत की मुखिया मोसम्मत अख्तारा बानो के नेतृत्व में […]

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मामला 500 एकड़ में लगी प्याज की फसल नष्ट हो जाने का
पाकुड़ : प्रशासन की सुस्त रवैया से तंग आ कर मनिरामपुर पंचायत के किसान आंदोलन को लेकर अब कमर कसना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को पूर्व जिला परिषद सदस्य हाजीकुल आलम व मनिरामपुर पंचायत की मुखिया मोसम्मत अख्तारा बानो के नेतृत्व में किसानों की एक बैठक मनिरामपुर गांव में हुई.
बैठक में विगत अप्रैल माह को हुई मूसलाधार बारिश में क्षेत्र में लगे लगभग 500 एकड़ जमीन पर प्याज की फसल नष्ट हो जाने के बावजूद अब तक इस दिशा में प्रशासन द्वारा कोई पहल नहीं किये जाने को लेकर चर्चा की गयी. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि जिला प्रशासन किसानों को हुए नुकसान मामले में पहल नहीं करता है तो पीड़ित किसान आंदोलन को बाध्य होंगे और प्रशासन के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन चलायेंगे. वहीं बैठक में कई किसानों ने कहा कि प्याज के फसल नष्ट हो जाने से उनकी कमर ही टूट गयी है. महाजन व बैंक से ऋण ले कर प्याज की फसल अधिकांश किसानों ने लगाया था. परंतु मूसलाधार बारिश के कारण सारा प्याज नष्ट हो गया है.
बैठक के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग किया गया कि अविलंब इस दिशा में यदि पहल नहीं की जाती है तो किसान आंदोलन को बाध्य होंगे. मौके पर मौजूद किसानों ने आगे आंदोलन किये जाने की रणनीति भी तैयार की. जिसमें धरना-प्रदर्शन, रैली, दफ्तर-दफ्तर डेरा डालो, वरीय पदाधिकारियों का घेराव, आमरण अनशन जैसे आंदोलन शामिल हैं. मौके पर किसान इब्राहिम शेख, अबु बकर शेख, मोजिबुर रहमान, उमर अली, जोहुर शेख, जैनुल शेख, नूर हुसैन, सुलेमान शेख, मुस्तफा शेख, नाजमे आलम, मो मजिबुर रहमान सहित अन्य किसान शामिल थे.
कहती हैं मुखिया
किसानों के हक को लेकर अंतिम तक लड़ेंगे. किसानों को जिस तरह से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है, सही तौर पर अगर सर्वे किया जाय तो प्रति किसान 15-20 हजार प्रति बीघा के दर से क्षति हुई है.
मोसम्मत अख्तारा बानो, मुखिया
कहते हैं पूर्व जिप सदस्य
प्याज की फसल नष्ट हुए पांच माह बित जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा जो सुस्त रवैया अपनाया गया है वह काफी दु:खदायी है. आज देश में किसान कर्ज से दब कर आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं. स्थानीय प्रशासन द्वारा किसानों को परेशान किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है.
हाजीकुल आलम
कहते हैं पदाधिकारी
मनिरामपुर व आसपास के क्षेत्रों में नष्ट हुए प्याज की फसल मामले को लेकर एलआरडीसी परितोष ठाकुर को रिपोर्ट तैयार कर सुपुर्द करने को कहा गया है. रिपोर्ट को सरकार को भेजी जायेगी.
सुधीर बाड़ा, अपर समाहर्ता
मुखिया ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र
मनिरामपुर पंचायत की मुखिया मोसम्मत अख्तारा बानो ने विगत अप्रैल माह में मनिरामपुर व आसपास के क्षेत्रों में करीब 500 एकड़ जमीन पर लगे प्याज की फसल नष्ट हो जाने मामले को लेकर उपायुक्त के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. लिखे पत्र में मुखिया मोसम्मत अख्तारा बानो ने कहा है कि विगत 3 अप्रैल 2016 को अचानक हुए मूसलाधार बारिश से लगभग 500 एकड़ पर लगे प्याज की फसल नष्ट हो गयी है. किसान कर्ज का रुपया बैंक को वापस कर पाने में किसान असक्षम दिख रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि किसानों का बैंक कर्ज माफ कराया जाये और किसानों को क्षतिपूर्ति को लेकर मुआवजा भी दिया जाये.
प्याज की फसल नष्ट होने से किसान हुए बेहाल
सदर प्रखंड के मनिरामपुर, नवादा, जयकिष्टोपुर, इलामी, रहसपुर, झिकरहट्टी सहित अन्य पंचायत के किसान हर साल धान की खेती के पश्चात बड़े पैमाने पर प्याज की खेती भी करते हैं. इस क्षेत्र में प्याज झारखंड ही नहीं अन्य राज्यों बंगाल, बिहार, उत्तर प्र्रदेश, राजस्थान, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में प्याज भेजा जाता है. फसल नष्ट हो जाने के कारण किसानों की कमर टूट गयी.
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