पुराने मोहरे फिर आमने-सामने, अकील आलमगीर व बेणी पहले भी थे प्रतिद्वंद्वी, जानें पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

Updated at : 12 Dec 2019 7:30 AM (IST)
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पुराने मोहरे फिर आमने-सामने, अकील आलमगीर व बेणी पहले भी थे प्रतिद्वंद्वी, जानें पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

रमेश भगत कुल वोटर 316886 पुरुष वोटर 161785 महिला वोटर 155101 पाकुड़ : कांग्रेस का गढ़ रहा पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में दो बार ही भाजपा प्रत्याशी जीत पाये हैं. हालांकि 1962 में जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रसुन्न चंद ने एक बार जीत हासिल की थी. इस सीट पर एक बार रानी ज्योर्तिमयी भी कांग्रेस के […]

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रमेश भगत

कुल वोटर

316886

पुरुष वोटर

161785

महिला वोटर

155101

पाकुड़ : कांग्रेस का गढ़ रहा पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में दो बार ही भाजपा प्रत्याशी जीत पाये हैं. हालांकि 1962 में जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रसुन्न चंद ने एक बार जीत हासिल की थी. इस सीट पर एक बार रानी ज्योर्तिमयी भी कांग्रेस के टिकट पर जीती थीं.

इसके बाद लगातार कांग्रेस प्रत्याशी ही यहां से जीतते रहे हैं. यहां से तीन बार कांग्रेस से आलगमीर आलम विजयी रहे हैं. झारखंड बनने के बाद 2005 व 2014 में आलमगीर जीते. 2009 में एक बार झामुमाे के अकील अख्तर ने बाजी मारी थी. वहीं अविभाजित बिहार में 1990 व 1995 के चुनाव में लगातार दो बार भाजपा के बेणी प्रसाद गुप्ता जीते थे. इस बार भी भाजपा प्रत्याशी के रूप में बेणी प्रसाद गुप्ता मैदान में हैं.

पाकुड़ विधानसभा सीट में चुनावी आजमाइश तेज हो गयी है. वर्तमान विधायक कांग्रेस प्रत्याशी आलमगीर आलम को चुनौती देने के लिए आजसू के टिकट पर अकील अख्तर दम ठोक रहे हैं. वहीं भाजपा प्रत्याशी बेनी प्रसाद गुप्ता दोनों की धार काटने के लिए तैयार हैं. बेणी प्रसाद गुप्ता 1995 के विधानसभा चुनाव में आलमगीर आलम को मात देकर विधायक बने थे. 2000, 2005 के चुनाव में आलमगीर बेणी प्रसाद गुप्ता को हरा कर विधायक बने. वहीं 2009 के चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए झामुमो के अकील अख्तर ने आलमगीर आलम को हराया.

2014 में आलमगीर आलम यहां के विधायक बने. साल 2019 के विधानसभा चुनाव में तीनों कद्दावर नेता आमने-सामने हैं. कांग्रेस से आलमगीर आलम, आजसू से अकील अख्तर व भाजपा से बेणी प्रसाद गुप्ता एक दूसरे को चुनौती दे रहे हैं. ऐसे में विधायक रहे सभी उम्मीदवारों में कौन किसको पटखनी देता है. यह देखने वाली बात होगी.

तीन महत्वपूर्ण कार्य जो हुए

1. पीडब्ल्यूडी से सड़क का निर्माण

2. महिला कॉलेज में पढ़ाई की व्यवस्था

3. पाकुड़ अनुमंडल अस्पताल बना

तीन महत्वपूर्ण कार्य जो नहीं हुए

1. मार्केटिंग कॉम्पेक्स चालू नहीं हुआ

2. शहरी जलापूर्ती योजना अटकी

3. बीड़ी अस्पताल नहीं हुआ चालू

क्षेत्र में काम हुआ : आलमगीर

पाकुड़ विधानसभा में सड़क, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई काम किया है. बंद हो गये पाकुड़ के अनुमंडल अस्तपाल को चालू कराया. भाजपा की सरकार ने बेरोजगारी पर काम नहीं किया. हम एक साल के अंदर बैकलोग पोस्ट को भरेंगे.

उद्योग-धंधा चौपट हुआ : अकील

पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में पत्थर उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. लेकिन पिछले पांच सालों में पत्थर उद्योग को काफी नुकसान पहुंचा है. हमारी कोशिश होगी कि इस क्षेत्र की स्थिति में सुधार लायी जाये, ताकि बड़ी संख्या में मजदूरों को दूसरे राज्य में पलायन न करना पड़े.

2005

जीते : आलमगीर आलम, कांग्रेस

प्राप्त मत : 71736

हारे : बेनी प्रसाद गुप्ता, भाजपा

प्राप्त मत : 46000

तीसरा स्थान : मो इकबाल, सीपीएम

प्राप्त मत : 14273

2009

जीते : अकील अख्तर, झामुमो

प्राप्त मत : 62246

हारे : आलमगीर आलम, कांग्रेस

प्राप्त मत : 56570

तीसरा स्थान : संजीव कुमार, भाजपा

प्राप्त मत : 29748

2014

जीते : आलमगीर आलम, कांग्रेस

प्राप्त मत : 83338

हारी : अकील अख्तर, झामुमो

प्राप्त मत : 65272

तीसरा स्थान : रंजीत कुमार तिवारी, भाजपा

प्राप्त मत : 64479

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