मोरहाबादी से राज्यपाल का संदेश, शिबू सोरेन को पद्मभूषण झारखंड का गौरव, मंईयां सम्मान और पेसा नई मिसाल बने

रांची के मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते राज्यपाल संतोष गंगवार.
Republic Day 2026: झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में 77वें गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तिरंगा फहराया. अपने संबोधन में उन्होंने शिबू सोरेन को पद्मभूषण मिलने को झारखंड के लिए गौरव बताया. पेसा नियमावली-2025 को जनजातीय अधिकारों की दिशा में मील का पत्थर बताया गया. मंईयां सम्मान योजना की सराहना करते हुए राज्यपाल ने महिला सशक्तीकरण, युवा भविष्य, कृषि सुधार, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया. नीचे पूरी खबर पढ़ें.
Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया. इस मौके पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और शानदार परेड की सलामी ली. कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल, सशस्त्र बल और स्कूली टुकड़ियों द्वारा परेड पेश की गई. राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों पर आधारित आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं. पूरा मैदान देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान की गूंज से राष्ट्रमय हो उठा.
‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से प्रेरित है भारतीय संविधान
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान बताते हुए कहा कि यह ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से प्रेरित है. उन्होंने कहा कि हमारा संविधान केवल शासन की व्यवस्था नहीं करता, बल्कि यह भारत को एकता, समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ाने वाला जीवंत दस्तावेज है. संविधान ने हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार दिया है और देश की विविधताओं को एकता के सूत्र में पिरोया है.
झारखंड की जनजातीय संस्कृति और मानव संसाधन बड़ी ताकत
राज्यपाल ने राष्ट्र निर्माण में झारखंड के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ मानव संसाधन के कारण विशेष पहचान रखता है. उन्होंने कहा कि झारखंड के लोगों की कर्मठता और संघर्षशीलता राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है.
शिबू सोरेन को पद्मभूषण मिलने पर जताया आभार
अपने संबोधन में राज्यपाल ने झारखंड के दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्मभूषण से सम्मानित किए जाने पर केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल शिबू सोरेन के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गौरव का विषय है. उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, जनसेवा और जनजातीय अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक रहा है.
पेसा नियमावली-2025 जनजातीय स्वशासन में मील का पत्थर
राज्यपाल ने झारखंड में लागू की गई ‘पेसा नियमावली-2025’ को जनजातीय स्वशासन और अधिकारों की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि इससे ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया गया है और आदिवासी समुदायों को उनके संवैधानिक अधिकारों का प्रभावी संरक्षण मिलेगा. यह पहल झारखंड की आत्मा से जुड़े समुदायों के विश्वास को और मजबूत करेगी.
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में झारखंड निभाएगा अग्रणी भूमिका
राज्यपाल ने भरोसा जताया कि पर्यटन, इंडस्ट्रियल इनोवेशन और कृषि क्षेत्र में सुधारों के माध्यम से झारखंड विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश का बेहतर माहौल बन रहा है और सरकार आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है.
मंईयां सम्मान योजना महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल
झारखंड सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की विशेष सराहना की. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत वर्तमान में 51 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है. उन्होंने इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ी है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है.
युवाओं के भविष्य के लिए मिशन मोड में काम
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की लगभग एक-तिहाई आबादी 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की है. युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार मिशन मोड में काम कर रही है. उन्होंने बताया कि जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई हैं. झारखंड में 80 ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है.
नेतरहाट मॉडल पर नए आवासीय विद्यालय
शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो और दुमका में नए आवासीय विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं. इससे दूर-दराज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा.
किसानों की खुशहाली से ही राज्य की समृद्धि
राज्यपाल ने किसानों की खुशहाली को राज्य की समृद्धि का आधार बताया. उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए छह लाख टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य तय किया गया है. किसानों को बोनस सहित 2,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
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स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार, नई नियुक्तियां
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधारों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारियों, सहायक आचार्यों और प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति की गई है. अस्पतालों के बेहतर संचालन के लिए वरीय अस्पताल प्रबंधकों और आईटी एग्जीक्यूटिव की तैनाती की गई है. साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होंगी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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