झारखंड में भी शुरू होगी माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज योजना

Published at :11 Aug 2020 6:49 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड में भी शुरू होगी माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज योजना

झारखंड में भी शुरू होगी माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज योजना

विज्ञापन

रांची : खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा शुरू किये गये पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज (पीएम एफएमइ) योजना की शुरुआत झारखंड में भी होने जा रही है. इसकी तैयारी उद्योग विभाग द्वारा की जा रही है. केंद्र सरकार ने मई माह में योजना शुरू करने की घोषणा की थी. इसके तहत देश भर में 35000 करोड़ रुपये का निवेश करने और नौ लाख लाख कुशल और अर्ध कुशल रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है. भारत सरकार ने योजना के बाबत विस्तृत जानकारी झारखंड सरकार को भेज दी है.

क्या है योजनामौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के विस्तार के लिए वित्तीय, तकनीकी और व्यावसायिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने पूरे देश में पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोससिंग इंटरप्राइज योजना की शुरुआत की. इस योजना के तहत खर्च केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में करेगी. एक जिला, एक उत्पाद को बढ़ावा दिया जाना हैइस योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण के लिए एक जिला, एक उत्पाद को बढ़ावा देना है . राज्य सरकार कच्चे माल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए एक जिले के लिए खाद्य उत्पाद की पहचान करेगी.

ऐसे उत्पादों की सूची में आम, आलू, लीची, टमाटर, साबूदाना, किनू, भुजिया, पेठा, पापड़, अचार, बाजरा आधारित उत्पाद, मछली पालन, मुर्गी पालन, मांस के साथ-साथ पशु चारा भी शामिल है. 10 लाख रुपये तक मिलेगा क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी लाभअपनी इकाई के विस्तार के इच्छुक या नयी इकाई लगाने के इच्छुक को सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई में परियोजना लागत का 35 प्रतिशत क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी का लाभ मिलेगा. इसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये प्रति इकाई है.

परियोजना शुरू करने के लिए आरंभिक पूंजी भी दिये जाने का प्रावधान है.समूह में सूक्ष्‍म इकाइयों के उपयोग के लिए एफपीओ/एसएचजी/सहकारी समितियों या राज्य के स्वामित्व वाली एजेंसियों या निजी उद्यम के माध्यम से सामान्य प्रोसेसिंग सुविधा, प्रयोगशाला, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग और हीटिंग केंद्र सहित सामान्‍य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक्ड अनुदान के जरिये सहायता प्रदान की जायेगी. राज्य अथवा क्षेत्रीय स्तर पर 50% अनुदान के साथ सूक्ष्म इकाइयों और समूहों के लिए ब्रांड विकसित करने के लिए व्यापार और ब्रांडिंग के लिए सहायता प्रदान की जायेगी.

झारखंड में भी एक जिला, एक उत्पाद चिह्नित करने की चल रही प्रक्रिया झारखंड में भी एक जिला में एक उत्पाद चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है. इसके तहत एक जिले में चिह्नित उत्पादों को योजना का लाभ देकर और विस्तार किया जायेगा. सूत्रों ने बताया कि आरंभिक स्तर पर अभी रांची में बेकरी, नमकीन उत्पादन, चतरा में टमाटर, सिमडेगा में चिरौंजी जैसे उत्पादों को चिह्नित किया गया है. सभी 24 जिलों के उत्पाद चिह्नित हो जाने के बाद भारत सरकार के पास सूची भेजी जायेगी.

Post by : Pritish Sahay

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola