लोहरदगा की शान ललित नारायण स्टेडियम के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा

लोहरदगा की शान ललित नारायण स्टेडियम के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा
लोहरदगा़ लोहरदगा शहरी क्षेत्र के अंतर्गत बरवाटोली में स्थित ललित नारायण स्टेडियम शहर का एक मात्र और प्राचीन स्टेडियम है. आज यह स्टेडियम अपनी बदहाली पर आंसू बहाने के साथ-साथ अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है. कुछ वर्ष पूर्व तक इसी स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न खेल एसोसिएशनों द्वारा क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन होता था. कई नामी कलाकारों के नाइट शो भी यहीं हुए थे, जिनकी यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं. सरकारी और गैर सरकारी बड़े कार्यक्रम भी इसी मैदान में आयोजित होते थे.लोहरदगा जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एथलेटिक्स मीट में अन्य जिलों और राज्यों से खिलाड़ी आते थे. वहीं, जिला पुलिस प्रशासन ने हथियार डालो वॉलीबॉल नारे के साथ नाइट वॉलीबॉल और सद्भावना क्रिकेट प्रतियोगिता भी करायी थी. इससे प्रभावित होकर कई वांटेड उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण भी किया था. यह स्टेडियम स्व ललित नारायण मिश्र के नाम पर है, जो 1973 से 1975 तक भारत के रेलमंत्री रहे. तीन जनवरी 1975 को समस्तीपुर बम विस्फोट कांड में उनकी मृत्यु हो गयी थी. स्थानीय लोगों द्वारा भूमि दान किये जाने के बाद इस स्टेडियम का निर्माण हुआ था, जो आज जर्जर अवस्था में पहुंच गया है. गेट, गैलरी और कमरे सभी टूट चुके हैं. यहां असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है. यहां तक कि लोग दीवारें तोड़कर ईंटें तक चोरी कर ले जा रहे हैं. कुछ समय पहले स्थानीय लोगों ने उपायुक्त से मिलकर इस ओर ध्यान देने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है.
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