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बुजुर्ग को बोझ नहीं उन्हें पूंजी समझें : कलिंद्र

Updated at : 17 Nov 2025 8:31 PM (IST)
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बुजुर्ग को बोझ नहीं उन्हें पूंजी समझें : कलिंद्र

बुजुर्ग को बोझ नहीं उन्हें पूंजी समझें : कलिंद्र

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लोहरदगा़ जिला विधिक सेवा प्राधिकार लोहरदगा के अध्यक्ष राजकमल मिश्रा तथा सचिव राजेश कुमार के निर्देशानुसार बगरू थाना अंतर्गत पतरातू नवा टोली में बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण एवं उनके संरक्षण के लिए जो कानून बना है उसकी जानकारी दी गयी और लोगों से अपील की गयी कि बुजुर्गों की सेवा करें. उनका संरक्षण एवं संवर्धन करें. ये हमारे धरोहर हैं. इनका संरक्षण करते हुए हमें उनका उपयोग जमा पूंजी की तरह करनी चाहिए जो अपने अनुभवों से हमें लाभांवित करते रहेंगे. अपने अनुभव से नयी पीढ़ी को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे. बुजुर्गों के संरक्षण के लिए 2007 में एक महत्वपूर्ण कानून बनाया गया था. जिससे माता-पिता या रिश्तेदारों का भरण-पोषण करना होगा. वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 के तहत बच्चों या रिश्तेदारों को अपने माता-पिता या वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण करना होगा. इस कानून को लोग अनदेखा कर वरिष्ठ नागरिक एवं माता-पिता से दुर्व्यवहार करते हैं या कानून का उल्लंघन करते हैं तो ऐसे व्यक्ति को सजा और जुर्माना हो सकता है. उक्त बातें पीएलबी कलिंद्र उरांव ने बुजुर्गों एवं ग्रामीणों से कही. इस अवसर पर वृद्ध नंदकिशोर गिरी, पांडव उरांव, बृजमोहन भगत, सरस्वती देवी आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAILESH AMBASHTHA

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SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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