करोड़ों खर्च पर आठ साल से धूल फांक रहा कैरो का आइटीआइ भवन, अब चहारदीवारी पर लुटाये जा रहे लाखों

करोड़ों खर्च पर आठ साल से धूल फांक रहा कैरो का आइटीआइ भवन, अब चहारदीवारी पर लुटाये जा रहे लाखों
कैरो़ सरकारी योजनाओं का हाल देखना हो, तो लोहरदगा जिला के कैरो प्रखंड अंतर्गत एड़ादोन आइये. यहां कोयल नदी के तट पर करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बना आइटीआइ भवन विभागीय उदासीनता और सरकारी धन की बर्बादी का जीता-जागता उदाहरण बन गया है. आठ वर्ष पूर्व वर्ष 2017-18 में बनकर तैयार हुआ यह आलीशान भवन आज भी शिक्षा की ज्योति जलने की प्रतीक्षा कर रहा है़ विडंबना यह है कि जिस भवन में अब तक पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी, वहां वित्तीय वर्ष 2024-25 में लाखों रुपये खर्च कर चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है. इसे लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है . अभिभावकों की टूटी उम्मीदें : भवन निर्माण के समय उन गरीब अभिभावकों में काफी उत्साह था, जो आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को तकनीकी शिक्षा के लिए बाहर भेजने में असमर्थ थे. भवन निर्माण विभाग ने दो कंपनियों के माध्यम से कार्य पूर्ण कर विभाग को भवन हस्तांतरित भी कर दिया, लेकिन पढ़ाई शुरू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. ग्रामीणों का कहना है कि खाली भवन के घेराव पर पैसे खर्च करने के बजाय वहां शिक्षकों की नियुक्ति और नामांकन प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए. क्या कहते हैं स्थानीय जनप्रतिनिधि व ग्रामीण आइटीआइ भवन निर्माण से उम्मीद जगी थी कि गरीब बच्चों का भविष्य संवरेगा. आठ साल बीतने के बाद भी पढ़ाई शुरू न होना घोर लापरवाही है . सुरेश राम, समाजसेवी बाहर पढ़ने में काफी खर्च होता है. सरकार को जल्द पढ़ाई शुरू करनी चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें. विकास उरांव, ग्रामीण खाली भवन के बीच चहारदीवारी बनाना जनता के पैसे की बर्बादी है. युवाओं को रोजगार चाहिए, सिर्फ ईंट-पत्थर के ढांचे नहीं. सुमित्रा देवी, मुखिया, सढ़ाबे पंचायत प्रशासन को इस मामले में गंभीर होना चाहिए. करोड़ों की संपत्ति बेकार पड़ी है और अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं. सीमा भगत, उपप्रमुख यह अत्यंत चिंता का विषय है. आइटीआइ भवन में जल्द से जल्द पढ़ाई शुरू हो, इसके लिए मैं उच्चाधिकारियों के साथ पत्राचार कर रही हूं. जिले के वरीय अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है. छंदा भट्टाचार्य, बीडीओ, कैरो
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