आवास योजनाअों के लाभुक बालू की ऊंची कीमत से परेशान

Updated at : 24 Mar 2025 8:51 PM (IST)
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आवास योजनाअों के लाभुक बालू की ऊंची कीमत से परेशान

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अबुआ आवास तथा केंद्र सरकार की योजना प्रधानमंत्री आवास योजना बालू क किल्लत से प्रखंड में प्रभावित हो रहा है.

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एमित, कुड़ू

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अबुआ आवास तथा केंद्र सरकार की योजना प्रधानमंत्री आवास योजना बालू क किल्लत से प्रखंड में प्रभावित हो रहा है. बालू की ऊंची कीमतों से लाभुक परेशान हैं. इतना ही नहीं बालू सुगम तरीके से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. नतीजा आवास निर्माण कार्य मे कहीं छत ढलाई कार्य रूका हुआ है, तो कहीं दीवार जोड़ाई कार्य. प्रखंड के 14 पंचायतों में पिछले साल तथा इस चालू वित्तीय वर्ष मिलाकर लगभग 2000 आवास निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है. प्रखंड प्रशासन आवास निर्माण कार्य पूर्ण कराने को लेकर तथा बालू की ऊंची कीमत को कम करने के लिए संबंधित पंचायत के मुखिया को बालू खनन कार्य के लिए चालान दे चुकी है. बावजूद इसके लाभुकों को बालू नहीं मिल पा रहा है. बताया जाता है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2023- 2024 में कुड़ू प्रखंड मे 677 अबुआ आवास कार्य को स्वीकृति दी गयी थी. इसमें 98 आवास पूर्ण हो चुका है तथा कुछ लाभुकों का गृह प्रवेश कराया गया हैं. लगभग 300 आवास भौतिक रूप से पूर्ण हो चुका है, थोड़ा कार्य बाकी रह गया है. बालू के अभाव में प्लास्टर कार्य नहीं हो पाया है कुछ में दरवाजा, खिड़की लगाने तथा अबुआ आवास का स्लोगन लगाने का कार्य शेष रह गया है, जबकि 279 आवास पिछले साल से अधूरा पड़ा हुआ है. कहीं डोर लेबल के बाद कार्य बंद है, तो कहीं छत ढलाई कार्य बालू के आभाव में ठप पड़ा हुआ है. चालू वित्तीय वर्ष 2024-2025 में कुड़ू प्रखंड के 14 पंचायतों में कुल 2450 अबुआ आवास योजना को स्वीकृति दी गयी है, इसमें 1900 लाभुकों को प्रथम किस्त का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष लाभुकों के आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त की राशि भुगतान के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है. 1900 प्रथम किस्त की राशि भुगतान लेने वाले में 544 लाभुकों ने सरकार के गाइडलाइन के अनुसार किसी तरह ऊंची कीमत पर बालू खरीदारी करते हुए जमीन लेबल तक कार्य पूर्ण कर दिया है. साथ द्वितीय किस्त की राशि भुगतान के लिए आवेदन दिया है. 1356 लाभुकों द्धारा आवास निर्माण के लिए गड्ढा खोद कर छोड़ दिया गया है बालू की किल्लत तथा ऊंची कीमत के कारण आवास निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पाये हैं.चालू वित्तीय वर्ष 2024-2025 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग 3400 सौ आवास निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गयी है. इसमें लगभग 1700 आवास निर्माण कार्य को शुरू कराने की प्रक्रिया चल रही है. जियो टैग के बाद प्रथम किस्त की राशि भुगतान करने की कवायद तेज हो गई है. बालू की कमी के कारण प्रखंड में अबुआ आवास तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग 1500 आवास निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है.

2500 से 3000 रुपये प्रति ट्रैक्टर मिल रहा बालू

बताया जाता है कि अबुआ आवास निर्माण के लिए राज्य सरकार के द्धारा लगभग दो लाख रुपये तथा केंद्र सरकार द्धारा 95 मानव दिवस मनरेगा के तहत भुगतान किया जाता है. आवास निर्माण में कार्य करने वाले 95 मजदूरों को मनरेगा से मजदूरी का भुगतान किया जाता है, जबकि लाभुकों के खाता में चार किस्त में दो लाख रुपए भेजा जाता है, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्र सरकार द्धारा एक लाख 20 हजार रुपए आवंटित किया गया है. साथ ही आवास निर्माण कार्य मे मजदूरी करने वाले 95 मजदुरो को मनरेगा से मजदूरी का भुगतान किया जाता है. प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में चोरी – छिपे 2500 सौ रुपए से लेकर 3000 हजार रुपए में एक ट्रैक्टर बालू की आपूर्ति की जा रही है. जो बालू एक हजार से 1500 सौ रुपए में आसानी से उपलब्ध होना चाहिए उसकी कीमत दोगुना हो गया है नतीजा लाभुक आवास निर्माण कार्य के लिए कर्ज लेने को विवश हैं. प्रखंड में एक दर्जन बालू घाट हैं जहां से रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर बालू की अवैध निकासी अहले सुबह चार बजे से सुबह सात बजे तक तथा शाम छह बजे से रात्रि के दस बजे तक हो रहा है, पिछले दिनों पुलिस की बड़ी कारवाई एक साथ पांच बालू लदा ट्रैक्टर पकड़े जाने के बाद बालू का खनन तथा परिवहन कोयल नदी से थम गया है.

बालू आपूर्ति के लिए मुखिया को दिया गया है चालान

बताया जाता है कि आवास निर्माण तथा सरकारी विकास कार्यों के लिए बालू आपूर्ति उचित कीमत तथा सुगम तरीके से उपलब्ध कराने को लेकर संबंधित पंचायत के मुखिया को खनन विभाग तथा अंचल कार्यालय द्धारा चालान निर्गत किया गया है. मुखिया बालू के घन मीटर के अनुसार राजस्व लेकर बालू बेच सकते हैं. जबकि ट्रैक्टर मालिक आवास निर्माण व विकास कार्य में मुखिया के चालान से बालू की आपूर्ति लाभुकों को कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. बालू माफिया कोयल नदी तथा अन्य नदियों से बालू का अवैध खनन तथा परिवहन करते हुए ऊंची कीमत पर बालू बेच रहे हैं.

प्रखंड में कहीं भी बालू की किल्लत नहीं है : सीओ

प्रभारी बीडीओ सह सीओ मधुश्री मिश्रा ने बताया कि प्रखंड में बालू की कहीं भी किल्लत नहीं है ना ही बालू के आभाव में आवास निर्माण कार्य लटका हुआ है. संबंधित मुखिया को बालू खनन कार्य तथा आवास निर्माण व विकास योजनाओं में आपूर्ति के लिए चालान दिया गया है. मुखिया चालन के माध्यम से राजस्व लेकर बालू की आपूर्ति कर सकते हैं. कितना चालान काटना है, इसका प्रशिक्षण खनन विभाग ने दिया है. बालू की कमी नहीं होने दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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