कनेक्शन के नाम पर राशि ली, फिर भी नहीं मिला पानी
Updated at : 05 May 2017 9:32 AM (IST)
विज्ञापन

भंडरा-लोहरदगा : लगभग 13 लाख रुपये की लागत की अाकाशी ग्रामीण जलापूर्ति योजना भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गया है. 27 जून 2013 को गिरिडीह की कंपनी शिल्पी कंस्ट्रक्शन ने इस कार्य के लिए एकरारनामा किया गया था. कार्य को 26 जून 2015 तक पूरा करना था. लेकिन योजना पूरी तरह धरातल पर नहीं उतरा है. […]
विज्ञापन
भंडरा-लोहरदगा : लगभग 13 लाख रुपये की लागत की अाकाशी ग्रामीण जलापूर्ति योजना भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गया है. 27 जून 2013 को गिरिडीह की कंपनी शिल्पी कंस्ट्रक्शन ने इस कार्य के लिए एकरारनामा किया गया था. कार्य को 26 जून 2015 तक पूरा करना था. लेकिन योजना पूरी तरह धरातल पर नहीं उतरा है.
संवेदक व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का कहना है कि योजना पूरी हो चुकी है. हकीकत यह है कि योजना अब तक पूरी नहीं हुई है. बेतरतीब तरीके से पाइप बिछाया गया है. पानी कनेक्शन देने के नाम पर पैसा वसूल गया, लेकिन कनेक्शन नहीं दिया गया. जगह-जगह पाइप में लिकेज होने से हजारों लीटर पानी बरबाद हो रहा है. वहीं पानी लेने को लेकर ग्रामीणों में विवाद के मामले में दिखते हैं. संवेदक की लापरवाही के कारण पानी सड़कों पर बह रहा है वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये व्यय होने के बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है. गांव के अभिषेक चौहान, महावीर सिंह, रणविजय चौहान, प्रमेश्वर उरांव का कहना है कि अधिकारी निरंकुश हो गये हैं. संवेदक मनमानी कर रहा है. अकाशी टंगरा टोली निवासी मंसूर अंसारी का कहना है कि पैसा लेने के बाद भी वाटर कनेक्शन नहीं दिये जाने से निराशा है. कुम्हरिया अंबाटोली निवासी चंदर उरांव का कहना है कि आकाशी में संवेदक द्वारा व्यर्थ पानी बहाया जाना सरकार के जल संरक्षण की बात का मखौल है. पेयजल स्वच्छता विभाग इस योजना को पूर्ण दिखाने में लगा है.
पाइप को पीसीसी सड़क के बीच में लगाया
अकाशी पंचायत के मुखिया घासु उरांव का कहना है कि
|ठेकेदार ने कई जगह पाइप को पीसीसी सड़क के बीच लगा कर छोड़ दिया है. जबकि पाइप लाइन सड़क के नीचे हुआ करता है. ठेकेदार को कहने पर वह अधिकारियों से अपने संबंध का धौंस दिखाता है.
योजना की दुर्दशा मिलीभगत का परिणाम
भंडरा प्रखंड के अकाशी पंचायत के सात गांव अकाशी, खारूमाटू, कुम्हरिया, टंगराटोली, साहू टोली, अंबा टोली एवं भीठा पंचायत के चार गांव के लोग इस योजना से खुश थे. उन्हें उम्मीद थी कि योजना के पूरा होने के बाद पानी की परेशानी दूर हो सकेगी. ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी योजना में खुलेआम गड़बड़ी है तो अन्य योजनाओं का क्या हाल होगा. ग्रामीण संवेदक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर प्रश्न उठा रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




