अशोक इंटर स्कूल के ध्वस्त हो चुके हैं छात्रावास व पुराना प्रयोगशाला
Updated at : 24 May 2016 12:22 AM (IST)
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सरकारी स्तर पर इसके रख रखाव पर नहीं दिया गया ध्यान दाउदनगर : 1929 में स्थापित अनुमंडल मुख्यालय के ऐतिहासिक व शैक्षणिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण अशोक इंटर विद्यालय का प्रयोगशाला व छात्रावास भवन पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है. यह भवन इस विद्यालय के ठीक पीछे एक विस्तृत भू-भाग में अवस्थित है. इन दोनों भवनों […]
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सरकारी स्तर पर इसके रख रखाव पर नहीं दिया गया ध्यान
दाउदनगर : 1929 में स्थापित अनुमंडल मुख्यालय के ऐतिहासिक व शैक्षणिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण अशोक इंटर विद्यालय का प्रयोगशाला व छात्रावास भवन पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है. यह भवन इस विद्यालय के ठीक पीछे एक विस्तृत भू-भाग में अवस्थित है. इन दोनों भवनों के ध्वस्त होते अवशेष ही इनके होने का एहसास दिलाता है.
जानकारी के अनुसार, इस विद्यालय का अपना भू-भाग लगभग 10 एकड़ 68 डिसमिल है, जिसमें से कुछ भू-भाग पर विद्यालय संचालित हो रहा है. कुछ भू-भाग पर खेल का मैदान है. विद्यालय की जमीन अतिक्रमित हो रही है. विद्यालय सूत्रों ने बताया कि जब ये दोनों भवन बेहतर स्थिति में थे तो इनका उपयोग छात्रावास व प्रयोगशाला के रूप में किया जाता था. बाद में यहां रहना बंद हो गया. सरकारी स्तर पर इसके रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिया गया. इसके कारण इस ऐतिहासिक व पुराने भवन का एक ओर जहां अस्तित्व मिटने के कगार पर है तो दूसरी ओर इसकी जमीन धीरे-धीरे अतिक्रमण का शिकार होते जा रही है. इसका एक कारण चहारदीवारी का नहीं होना भी माना जा रहा है.
जमीन का किया जा रहा अतिक्रमण
चहारदीवारी के अभाव में परेशानी हो रही है. विद्यालय की जमीन अतिक्रमण का शिकार भी होते जा रही है, जिसे अतिक्रमणमुक्त कराने का प्रयास भी किया जा रहा है.
श्रवण कुमार संत, प्रधानाध्यापक, अशोक इंटर विद्यालय
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