हेलमेट चेकिंग में पकड़े गये 79 बाइक चालक

लोहरदगा. जिले में हेलमेट चेकिंग लगातार अभियान जारी है. इसके बावजूद लोग हेलमेट पहनने से कतरा रहे हैं. परिवहन विभाग व पुलिस विभाग द्वारा पिछले दो दिन से लगातार हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. जिला परिवहन पदाधिकारी राजीव कुमार व सार्जेंट संजय कुमार द्वारा समाहरणालय के सामने हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया गया. पांच […]
लोहरदगा. जिले में हेलमेट चेकिंग लगातार अभियान जारी है. इसके बावजूद लोग हेलमेट पहनने से कतरा रहे हैं. परिवहन विभाग व पुलिस विभाग द्वारा पिछले दो दिन से लगातार हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. जिला परिवहन पदाधिकारी राजीव कुमार व सार्जेंट संजय कुमार द्वारा समाहरणालय के सामने हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया गया.
पांच सितंबर को 73 बाइक चालक बगैर हेलमेट पहने समाहरणालय के पास पहुंचे थे, जिनसे 29 हजार, 700 रुपये जुर्माना वसूला गया. वहीं छह सितंबर को 79 वाहन चालक बगैर हेलमेट के पकड़े गये, जिनसे 24 हजार, 200 रुपये जुर्माना वसूला गया. पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा लगातार हेलमेट पहनने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
सड़क सुरक्षा समिति द्वारा भी लगभग हर बैठक में हेलमेट को लेकर चर्चा हो रही है. स्कूली विद्यार्थियों व अन्य माध्यमों से भी लोगों को हेलमेट पहनने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है. इसके बावजूद कोई जागरूकता अभियान कारगर साबित नहीं हो रहा है. जिले में आये दिन सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अधिकतर युवा हैं. दुर्घटनाओं के बाद भी लोग हेलमेट नहीं पहन रहे है. शहर की सड़कों पर बाइक या स्कूटी चलानेवाले नये उम्र के लड़के-लड़कियों की रफ्तार काफी तेज होती है. वे लोग हेलमेट भी नहीं लगाते है. अगर किसी के पास हेलमेट होता भी है, तो वह बाइक की हैंडिल में लटका रहता है. चौक-चौराहों पर चेकिंग चलती है, तो लोग हेलमेट पहनते है. विभिन्न विद्यालयों व महाविद्यालयों में पढ़नेवाले युवा ट्रिपल लोड चलते है. इनमें से अधिकांश युवकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं होता है. पकड़े जाने पर लोग जुर्माना देकर छूट जाते है, लेकिन दोबारा वहीं काम करते है.
बिना हेलमेट के बाइक चलाते पकड़े गये लोहरदगा प्रमुख, दिया जुर्माना
छह सितंबर को समाहरणालय के सामने जब हेलमेट चेकिंग की जा रही थी, तो लोहरदगा प्रखंड के प्रमुख पहनू उरांव बगैर हेलमेट के पकड़े गये. सार्जेंट संजय कुमार ने उनसे हेलमेट पहनने को कहा व फाइन देकर बाइक छुड़ाने की बात कही, तो उन्होंने कहा कि मैं जनप्रतिनिधि हूं. मेरे साथ आप आमलोगों जैसा बर्ताव न करें. मेरी बाइक को छोड़ दें. इस पर सार्जेंट ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है. आप परिवहन कार्यालय में फाइन की रसीद कटा कर अपनी बाइक ले जाये. उन्होंने कई स्थानों पर पैरवी के लिए फोन भी किया, लेकिन जब कोई लाभ नहीं हुआ, तो उन्होंने फाइन देकर अपनी बाइक छुड़ायी. जांच क्रम में नेता कहे जानेवाले कई लोगों को भी पकड़ा गया.
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