राजनाथ सिंह ने किया तारागिरी का कमीशनिंग, दुश्मनों को देगा मुंहतोड़ जवाब, बढ़ी समुद्री शक्ति

Updated at : 03 Apr 2026 3:51 PM (IST)
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INS-Taragiri

स्टील्थ युद्धपोत तारागिरी

INS Taragiri: भारतीय नौसेना में नया स्टील्थ युद्धपोत तारागिरी शामिल हो गया है. इससे देश की समुद्री ताकत और मजबूत हुई है. सुपरसोनिक मिसाइलों से लैस यह जहाज दुश्मनों से निपटने में सक्षम है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का प्रतीक बताया.

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INS Taragiri: भारतीय नौसेना को शुक्रवार को एक बड़ी ताकत मिली जब नया स्टील्थ युद्धपोत तारागिरी नौसेना में शामिल किया गया. इसका कमीशनिंग समारोह विशाखापत्तनम में हुआ. यहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे. यह एक अत्याधुनिक युद्धपोत है. इसे खास तौर पर दुश्मनों से मुकाबला करने के लिए तैयार किया गया है.

इसमें सुपरसोनिक मिसाइलें लगी हैं, जो सतह से सतह पर हमला कर सकती हैं. इसके अलावा इसमें मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और पनडुब्बी रोधी सिस्टम भी मौजूद है. इसका मतलब है कि यह जहाज हवा, पानी और समुद्र के अंदर तीनों तरह के खतरों से निपटने में सक्षम है.

क्या-क्या है खासियत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस जहाज को स्टेट ऑफ द आर्ट बताया और कहा कि यह भारत की बढ़ती समुद्री ताकत का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना सिर्फ देश की सुरक्षा ही नहीं करती, बल्कि आपदा के समय लोगों की मदद भी करती है. तारागिरी भी जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्यों में अहम भूमिका निभा सकता है.

पुराने डिजाइन के मुकाबले ज्यादा आधुनिक और ताकतवर

इस युद्धपोत को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) मुंबई ने तैयार किया है. इसकी खास बात यह है कि इसमें 75 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी यानी भारत में बनी चीजों का इस्तेमाल हुआ है. यह जहाज पुराने डिजाइन के मुकाबले ज्यादा आधुनिक और ताकतवर है.

रक्षा मंत्री ने एमडीएल और नौसेना की टीम की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि देश में रक्षा उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है और इसका असर निर्यात पर भी दिख रहा है.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर 38424 करोड़ रुपए तक पहुंच गया. यह पिछले साल से करीब 62 प्रतिशत ज्यादा है. इसमें हथियार, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, गोला-बारूद और युद्धपोत जैसे कई उपकरण शामिल हैं.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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