बुढ़वा महादेव मंडा आठ साल बाद भी नहीं बना पर्यटन स्थल

Updated at : 10 Jul 2017 12:03 PM (IST)
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बुढ़वा महादेव मंडा आठ साल बाद भी नहीं बना पर्यटन स्थल

कुड़ू (लोहरदगा) : प्रखंड के सलगी पंचायत के घने जंगलों के बीच बसे प्राचीन शिव मंदिर बुढ़वा महादेव मंदिर के बाबा को किसी तारणहार का इंतजार है. बाबा दरबार में हाजिरी लगानेवालों की झोली भरनेवाले भोलेनाथ मंदिर कब पर्यटन स्थल बनेगा. कुड़ू समेत पूरे जिले, चंदवा, बालूमाथ के श्रद्धालुओं को है. आठ साल से पर्यटन […]

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कुड़ू (लोहरदगा) : प्रखंड के सलगी पंचायत के घने जंगलों के बीच बसे प्राचीन शिव मंदिर बुढ़वा महादेव मंदिर के बाबा को किसी तारणहार का इंतजार है. बाबा दरबार में हाजिरी लगानेवालों की झोली भरनेवाले भोलेनाथ मंदिर कब पर्यटन स्थल बनेगा. कुड़ू समेत पूरे जिले, चंदवा, बालूमाथ के श्रद्धालुओं को है.
आठ साल से पर्यटन स्थल बनाने के लिए पर्यटन विभाग सर्वेक्षण पर सर्वेक्षण करा रहा है, लेकिन धरातल पर काम नहीं उतर पाया है. पर्यटन विभाग द्वारा आठ साल के भीतर मात्रा दो यात्री शेड ,एक शौचालय का निर्माण अब तक किया गया है बाकी कोई काम नहीं हो पाया है .
बताया जाता है कि महादेव मंडा को पर्यटन स्थल बनाने की मांग को लेकर निवर्तमान विधायक कमल किशोर भगत ने वर्ष 2010 में विधानसभा में मामला उठाते हुए मांग की थी कि महादेव मंडा को पर्यटन स्थल के रूप मे विकसित किया जाये. इससे क्षेत्र मे रोजगार के साधन बढ़ेंगे. साथ ही राष्ट्रीय पटल पर कुड़ू समेत पूरे जिले का नाम होगा. श्री भगत के सवाल पर जवाब देते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने कहा था कि महादेव मंडा पर्यटन स्थल बनेगा . इसी बीच श्री सोरेन की सरकार 152 दिन रहने के बाद गिर गयी. मामला ठंडे बस्ते में चला गया.
2011 में पुनः तत्कालीन विधायक कमल किशोर भगत ने विधानसभा में मामला उठाया . संसदीय कार्य मंत्री ने मामले को सीएम एवं पर्यटन मंत्री को भेज महादेव मंडा को पर्यटन स्थल बनाने की अनुमति प्रदान की. वर्ष 2012 में पर्यटन विभाग के मुख्य अभियंता, सहायक अभियंता समेत पूरी टीम ने महाशिवरात्रि के मौके पर सर्वेक्षण किया. डीपीआर बनाया गया, इसके तहत श्रद्धालुओं, पर्यटकों के बैठने के लिए जगह – जगह सीडी निर्माण, शेड निर्माण, मंदिर परिसर की घेराबंदी , मंदिर के बाहर सड़क में दुकान निर्माण व पर्यटकों के ठहरने के लिए भवन निर्माण कराने का प्रस्ताव पर्यटन मंत्रालय को भेजा गया. पर्यटन विभाग ने मंदिर की जमीन व वन विभाग से जमीन का एनओसी प्रमाण पत्र मांगा.
श्री भगत के प्रयास से कुड़ू सीओ ने वन विभाग से मिलकर मंदिर परिसर के लिए जमीन का एनओसी बनाकर पर्यटन विभाग को भेज दिया. पांच साल हो गया, लेकिन दुखद अब तक केवल दो यात्री शेड , एक शौचालय के अलावा कोई काम नहीं हो पाया है. इसी बीच कमल किशोर भगत को एक मामले में सजा हो गयी और वह सलाखों के पीछे चले गये.
मामला ठंडे बस्ते में दफन होकर रह गया. बताया जाता है कि महादेव मंडा में सावन सोमवारी व महाशिवरात्रि के मौके पर विशेष पूजा होती है. सालों भर भक्त पूजा के लिए यहां आते हैं. सबसे परेशानी गरमी में होती है, जब भक्तों को पीने का पानी नहीं मिल पाता है इस संबंध में कुड़ू बीडीओ संतोष कुमार ने बताया कि मुझे कोई जानकारी नहीं है. जानकारी मांगने पर दी जायेगी.
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