आदिवासियों-मूलवासियों का जल, जंगल, जमीन छीनने के प्रयास में जुटी है राज्य सरकार : कन्हाई सिंह

आदिवासियों-मूलवासियों का जल, जंगल, जमीन छीनने के प्रयास में जुटी है राज्य सरकार : कन्हाई सिंह
लातेहार ़ जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के समीप सोमवार से संयुक्त ग्राम सभा मंच और झारखंड जनाधिकार मंच के तत्वावधान में “पट्टा नहीं तो वापस नहीं” के नारे के साथ अनिश्चितकालीन धरना की शुरुआत की गयी. इस घेरा डालो, डेरा डालो कार्यक्रम में लातेहार जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य कन्हाई सिंह ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत लातेहार जिले में 175 सामुदायिक और लगभग 1800 व्यक्तिगत वनाधिकार दावा पिछले 15 वर्षों से लंबित हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार की मिलीभगत से जिला प्रशासन आदिवासी और मूलवासी अधिकारों को नजरअंदाज कर रहा है, ताकि ग्राम सभा की जमीनें पूंजीपतियों को खनन के लिए दी जा सकें. फादर जोर्ज मोनो पल्ली ने कहा कि जिला प्रशासन वन पट्टा देने में लगातार लापरवाही बरत रहा है. सामुदायिक और व्यक्तिगत दावे लंबित रहने से ग्रामीण परेशान हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ध्यान नहीं दिया, तो आदिवासी समुदाय अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ा आंदोलन करेगा. कार्यक्रम को जेम्स हेरेंज, नंदकिशोर गंझू, सेलेस्टीन कुजूर, प्रवेश राणा, भूखन सिंह, रामेश्वर उरांव, हरि कुमार भगत और गेंदिया देवी ने भी संबोधित किया. अनिश्चितकालीन धरना में शामिल ग्रामीण अपने साथ खाना बनाने की सामग्री और पारंपरिक हथियार लेकर पहुंचे थे. कार्यक्रम स्थल पर विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गयी है.
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