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मनरेगा कर्मियों को बचाने का औजार बना सामाजिक अंकेक्षण : अयूब खान

Updated at : 02 Jun 2025 8:46 PM (IST)
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मनरेगा कर्मियों को बचाने का औजार बना सामाजिक अंकेक्षण : अयूब खान

ग्रामीण विकास विभाग की पहल पर सोशल ऑडिट सोसाइटी के निर्देश पर मनरेगा अधिनियम को लेकर पंचायत स्तरीय सोशल ऑडिट सभी पंचायत में सोमवार को संपन्न हुआ

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चंदवा. ग्रामीण विकास विभाग की पहल पर सोशल ऑडिट सोसाइटी के निर्देश पर मनरेगा अधिनियम को लेकर पंचायत स्तरीय सोशल ऑडिट सभी पंचायत में सोमवार को संपन्न हुआ. इसे लेकर कामता पंचायत के पंचायत समिति सदस्य अयूब खान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि यह सामाजिक अंकेक्षण मनेरगा कर्मियों व बिचौलियों को बचाने का औजार बनकर रह गया है. 27 मई से टीम सभी पंचायत में योजनाओं की जांच कर रही है. जनसुनवाई में सोशल ऑडिट टीम ने वित्तीय वर्ष 2023 -24, 2024-25 व 2025-26 की मनरेगा से संचालित पूर्ण-अपूर्ण, योजनाओं को लेकर स्थल जांच कर रही है. कार्य स्थल की जांच कर प्रखंड कार्यालय से मिले अभिलेख का मिलान करती है. तकनीकी कमियोंं को जानती है. योजना में शामिल मजदूरों से मिलकर भुगतान संबंधी जानकारी प्राप्त करती है. योजनावार जांच रिपोर्ट तैयार कर जनसुनवाई होता है. सोमवार को किसी भी पंचायत मेंं इतना सबकुछ किसी ऑडिट टीम ने नहीं किया है. 100-200-500 रुपया का जुर्माना लगाकर मनरेगा में हुए घोटाले को बड़ी चालाकी से छिपाया जा रहा है. इसमें शामिल मनरेगा जेइ, रोजगार सेवक व बिचौलियों को बचाने का यह ऑडिट औजार बन गया है. पूरे मामले की गहनता से जांच करवाने की मांग उपायुक्त से की गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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