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एसएलआरएम से चमकेगा लातेहार, बनेगा आदर्श

Updated at : 27 Apr 2025 7:54 PM (IST)
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एसएलआरएम से चमकेगा लातेहार, बनेगा आदर्श

लातेहार में सॉलिड एवं लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएलआरएम) कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है.

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लातेहार. लातेहार में सॉलिड एवं लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएलआरएम) कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है. स्वच्छ और हरित लातेहार की परिकल्पना को साकार करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से एसएलआरएम के तहत क्लीन एंड ग्रीन लातेहार मिशन की शुरुआत की गयी है. एसएलआरएम योजना को धरातल पर लागू करने में जिला प्रशासन सक्रिय है. यह योजना जिले में सफल रही, तो यह अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बन सकती है. लातेहार राज्य का पहला जिला है, जहां एसएलआरएम पर काम हो रहा है. इस योजना को लागू कराने के लिए उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने जिला प्रशासन को लक्ष्य दिया है. इस पर नगर पंचायत, भवन निर्माण विभाग, पेयजल व जिला योजना विभाग सक्रिय हैं. क्या है योजना: जिला मुख्यालय के धर्मपुर स्थित बहुउद्देशीय भवन में तृतीयक पृथक्करण केंद्र बनाया गया है. यहां पर शहर के कचरे को एकत्रित कर वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण करने की योजना है. इसके अलावा जिले के प्रत्येक प्रखंड में ऐसे पृथक्करण केंद्र बनाने की तैयारी है. इससे संपूर्ण लातेहार में कचरे का समुचित और सुनियोजित प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा. महिला सशक्तीकरण पर है जोर इस परियोजना का नाम जिला प्रशासन ने हरियारका लातेहार, फरियारका लातेहार दिया है. इसका पहला उद्देश्य जिले को कचरा मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है. वहीं महिला सशक्तीकरण और आजीविका संवर्धन की दिशा में काम करना है. अभियान में अब तक 950 से भी अधिक महिलाओं जिसमे शहरी क्षेत्रों की स्वयं सहायता समूह की दीदियां शामिल की गयी हैं, को कचरा प्रबंधन, कचरा पृथक्करण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक तरीके से अपशिष्ट निस्तारण की विधियों का प्रशिक्षण दिया गया है. इस योजना से सूखी पत्तियों के खाद्य निर्माण हेतु कंपोस्ट पिट्स का निर्माण किया जा चुका है, जिससे जैविक खाद निर्माण के माध्यम से महिलाओं को अतिरिक्त आय का अवसर प्राप्त होगा. डीएमएफटी व सीएसआर की राशि से हो रहा है काम : सॉलिड एवं लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएलआरएम) में डीएमएफटी और सीएसआर की राशि खर्च हो रही है. हालांकि अब तक कितनी राशि खर्च हुई है और किस-किस विभाग से राशि खर्च की गयी, इसका विवरण नहीं है. बहुदेशीय भवन में बनाये गये तृतीयक पृथककरण केंद्र में नगर पंचायत, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, भवन प्रमंडल व बिजली विभाग द्वारा कार्य कराया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANUJ SINGH

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By ANUJ SINGH

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