श्रम संहिता मालिकों के हित में होगी तो मजदूरों का होगा शोषण : प्रमोद

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श्रम संहिता मालिकों के हित में होगी तो मजदूरों का होगा शोषण : प्रमोद

श्रम संहिता मालिकों के हित में होगी तो मजदूरों का होगा शोषण : प्रमोद

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चंदवा़ केंद्रीय मजदूर संगठनों के आह्वान पर आहूत बुधवार को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में झारखंड दैनिक मजदूर यूनियन ने प्रखंड मुख्यालय स्थित बस स्टैंड परिसर में एक सभा की. इसकी अध्यक्षता धनेश्वर तुरी ने की. संचालन सुरेश बासपति कर रहे थे. सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के अध्यक्ष प्रमोद साहू ने कहा कि सरकार विदेशी कंपनियां व देशी कॉरपोरेट घरानों की जी हुजूरी में लगी है. श्रम कानून को लचीला करने के लिए मोदी सरकार ने 44 श्रम संहिता को चार श्रम संहिता में समाहित कर दिया है. इन कानून में यह स्पष्ट है कि श्रम संहिता मालिकों के हक में होगी. मालिक अपनी मर्जी के मुताबिक मजदूरों को काम पर रखेंगे और जब चाहे मशीन के पुर्जे की तरह निकल बाहर कर देंगे. माकपा नेता रसीद खान ने कहा कि अस्थाई रोजगार को समाप्त कर ठेकेदारी प्रथा को लागू किया जा रहा है. यह गलत है. मो अलाउद्दीन ने कहा कि ओवर टाइम के घंटे पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी. मजदूरों के अधिकार में कटौती की जायेगी. संगठित होकर संघर्ष करने का अधिकार भी हमसे छिन लिया जायेगा. सभा के बाद बस स्टैंड परिसर से एक रैली निकाली गयी. नारेबाजी करते लोग प्रखंड कार्यालय पहुंचे. यहां राज्यपाल के नाम ज्ञापन बीडीओ चंदन प्रसाद को सौंपा. रैली में अनिल उरांव, रंतु भोग्ता, धीरन भोग्ता, मछींद्र लोहार, मुकेश उरांव, प्रदीप तूरी, छोटू लोहार, कलिंदर लोहार, मनोज गंझू, सुरेंद्र सिंह, संतोष तुरी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.

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Shailesh Ambashtha

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