अनुशासन और गुरुजन का सम्मान विद्यार्थी जीवन की सबसे बड़ी सीख है : कृति देवी

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अनुशासन और गुरुजन का सम्मान विद्यार्थी जीवन की सबसे बड़ी सीख है : कृति देवी

अनुशासन और गुरुजन का सम्मान विद्यार्थी जीवन की सबसे बड़ी सीख है : कृति देवी

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बारियातू़ प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर में सोमवार को बालक-बालिका व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत मातृ भारती की सचिव कृति देवी, शिशु वाटिका प्रमुख वीणा देवी व प्रधानाचार्य जीतेंद्र राम ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती व भारत माता के चित्र के समीप दीप प्रज्वलित कर किया. मुख्य अत���थि सचिव श्रीमति देवी ने कहा कि अगर सभी विद्यार्थी पढ़ाई के साथ ऐसी गतिविधियों में भाग लें व समय पर अपना कार्य पूरा करें तो निश्चित ही सफलता मिलेगी. अनुशासन व गुरुजन का सम्मान विद्यार्थी जीवन की सबसे बड़ी सीख होती है. कार्यक्रम को लेकर विद्यालय परिवार को बधाई दी. प्रधानाचार्य श्री राम ने बताया कि विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को उभारने व व्यक्तित्व विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम का आयोजन समय-समय पर किया जाता है. इसमें गीत-संगीत, भाषण (हिंदी-अंग्रेजी), पेंटिंग, सुलेख, विज्ञान प्रोजेक्ट मॉडल, प्रतियोगिता, नाटक, झारखंडी लोक नृत्य व शारीरिक अभ्यास कराया गया. सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, मानसिक-बौद्धिक विकास, नैतिक मूल्य व आत्मविश्वास बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया. विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी. संचालन सोनाली कुमारी व वंदना दीदी कर रही थी. कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी आचार्य व दीदी का योगदान रहा.

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Shailesh Ambashtha

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