फोटो : 14 चांद 2 : पहले सीएचसी में इलाज के दौरान पहुंची थी प्रसुता. प्रतिनिधि
क्या कहती है प्रभारी
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नीलिमा ने बताया कि यह लापरवाही का मामला नहीं है. अनुभवी एएनएम व चिकित्सक की निगरानी में प्रसूता की इलाज हो रहा था. सब कुछ नार्मल था, अचानक वाटर के साथ हरा तरल डिस्चार्ज होने लगा. इससे हमें लगा कि शिशु के पेट में मल गया होगा, इसके बाद हमने उसे तत्काल रेफर कर दिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

