गेट भी नहीं बना था अब तक

Published at :29 Oct 2013 4:03 AM (IST)
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गेट भी नहीं बना था अब तक

– अस्सी के दशक में बना था बानपुर बांध – बानपुर बांध के बहने का मामला लातेहार : शहर से सटे बानपुर मौजा स्थित बानपुर मध्यम सिंचाई योजना बड़का बांध सोमवार की अहले सुबह टूट गया. इस बांध की गत वर्ष दिसंबर में मरम्मत करायी गयी थी. लघु सिंचाई विभाग लातेहार द्वारा लगभग 250 एकड़ […]

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– अस्सी के दशक में बना था बानपुर बांध

– बानपुर बांध के बहने का मामला

लातेहार : शहर से सटे बानपुर मौजा स्थित बानपुर मध्यम सिंचाई योजना बड़का बांध सोमवार की अहले सुबह टूट गया. इस बांध की गत वर्ष दिसंबर में मरम्मत करायी गयी थी.

लघु सिंचाई विभाग लातेहार द्वारा लगभग 250 एकड़ भूमि की सिंचाई के उद्देश्य से अस्सी के दशक में इस बांध का निर्माण कराया गया था. गत वर्ष लगभग 20 लाख की लागत से बांध की मरम्मत का ठेका मेदिनीनगर निवासी ठेकेदार मेसर्स मनोज कुमार सिंह को दिया गया था.

मरम्मत के समय ही स्केप की घटिया जोड़ का किसानों ने विरोध किया था, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. प्रत्येक पांचछह वर्ष में इस बांध की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये की निकासी की जाती है, लेकिन गेट नहीं लगाया जाता है. गेट नहीं लगने से आसपास की लगभग 10 एकड़ भूमि पर लगी धान की फसल की क्षति हर वर्ष होती है.

पानी ओवर फ्लो होने के कारण फसल बह जाती है. बांध की दूरी जिला मुख्यालय से मात्र एक किलोमीटर है. बताया जाता है कि कनीय अभियंता विनोद कुमार सिंह एक दिन भी योजना स्थल पर नहीं गये, इस कारण संवेदक ने मनमाने ढंग से काम करा कर भुगतान ले लिया.

जायत्री नदी में बाढ़ देख चौंक गये लोग : बड़का बांध से करीब बहनेवाली जायत्री नदी शहर के एनएच-75 स्थित शिव मंदिर के पास से गुजरती है. सोमवार की सुबह नदी में अचानक बाढ़ सा दृश्य देख लोग भौंचक रह गये. बाद में पता चला कि बड़का बांध टूट गया है.

किसानों ने मिट्टी डाल कर पानी को रोका : बानपुर गांव के सीमांत कृषक प्रमोद प्रसाद उपाध्याय, जीतेंद्र पाठक उर्फ बली पाठक, चंद्रशेखर पाठक उर्फ पिंटू पाठक, मनीष पाठक तथा नवल पाठक ने अविलंब जेसीबी ट्रैक्टर की मदद से बांध के टूटे हिस्से में मिट्टी डालना शुरू किया. अथक प्रयास के बाद वह पानी को रोकने में सफल हुए.

कभी भी टूट सकता है नरैनी बांध : लघु सिंचाई विभाग द्वारा करकट ग्राम में निर्मित नरैनी बांध की हालत भी अच्छी नहीं है. गत वर्ष करीब 11 लाख रुपये की लागत से इस बांध का निर्माण ठेकेदार बिहारी प्रसाद जायसवाल ने कराया है.

जानकारी के मुताबिक बांध में पानी लबालब भरा हुआ है तथा स्केप जाम है, जो कभी भी बह सकता है. क्योंकि वहां गेट ही नहीं लगाया गया है. इसकी दूरी भी जिला मुख्यालय से एक किलोमीटर है.

घटिया काम को छिपाने का प्रयास : बानपुर बांध में घटिया काम को छिपाने के लिए लीपापोती की जा रही है. सोमवार को तड़के बांध बहने की सूचना मिलने पर कनीय अभियंता श्री सिंह द्वारा मरम्मत के लिए कई जेसीबी एवं ट्रैक्टर लगा दिया गया है.

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