भारतीय संस्कृति को बचाने की जरूरत : गुलाब
Updated at : 27 May 2015 8:06 PM (IST)
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लातेहार. संत गुलाब चंद प्रसाद परिव्राजक ने कहा कि भारतीय संस्कृति को बचाने की जरूरत है. संस्कृत को विश्व का गुरु भाषा समझा जाता है, लेकिन यह भाषा विलुप्ति के कगार पर है. उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के अंधाधुंध अनुकरण के कारण ही आज भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति अपनी पहचान खोती जा रही है.
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लातेहार. संत गुलाब चंद प्रसाद परिव्राजक ने कहा कि भारतीय संस्कृति को बचाने की जरूरत है. संस्कृत को विश्व का गुरु भाषा समझा जाता है, लेकिन यह भाषा विलुप्ति के कगार पर है. उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के अंधाधुंध अनुकरण के कारण ही आज भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति अपनी पहचान खोती जा रही है.
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