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घुट-घुट कर जी रहे हैं जिंदगी, नहीं मिली सरकारी मदद

सुमित/प्रदीप/अरशद, चंदवा/हेरहंज/बालूमाथ : मजलूम अंसारी व नाबालिग इम्तियाज खान के परिजन आज भी घटना को याद करते रोने लगते है. मजलूम अंसारी की चार बेटी व एक बेटा की परवरिश का जिम्मा बेवा सायरा बीवी पर आ गया है. सायरा ने कहा कि घटना के बाद से घूंट-घूंट कर जी रही हूं. सरकार की तरफ […]

सुमित/प्रदीप/अरशद, चंदवा/हेरहंज/बालूमाथ : मजलूम अंसारी व नाबालिग इम्तियाज खान के परिजन आज भी घटना को याद करते रोने लगते है. मजलूम अंसारी की चार बेटी व एक बेटा की परवरिश का जिम्मा बेवा सायरा बीवी पर आ गया है.
सायरा ने कहा कि घटना के बाद से घूंट-घूंट कर जी रही हूं. सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली. चार बेटी व एक बेटे को कैसे पालूं. मेरे पति की जैसे निर्मम हत्या की गयी है.
वैसे ही आरोपियों को भी फांसी की सजा हो. इधर, नाबालिग इम्तियाज की मां नाजमा बीवी व पिता आजाद खान ने कहा कि उनके पास जीविकोपार्जन का कोई साधन नहीं है. घटना के वक्त प्रशासन के लोग वायदे कर के चले गये. पर कुछ भी पूरा नहीं हुआ. सरकार ने हमें एक सिरे से नकार दिया है. मेरे नाबालिग पुत्र पर घर की बड़ी जिम्मेवारी थी, जिसे हमने खो दिया. करीब 35 डिसमिल खेतीहर जमीन उनके हिस्से में है.
उसी से जीवन चल रहा है. सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली है. 50-50 लाख रुपये बतौर मुआवजा और एक नौकरी की मांग उन्होंने की थी. आज भी उस मांग पर काबिज है. परिजनों ने बताया कि घटना के बाद भले सरकार से उन्हें कोई मदद नहीं मिली, पर कई राजनीतिक पार्टी व अन्य लोगों ने उनकी मदद की है. इससे परिवार को थोड़ा सहारा मिला है.
कांग्रेस पार्टी की ओर से दोनों परिवार को एक-एक लाख रुपये, विधायक प्रकाश राम की पहल पर जेवीएम पार्टी की ओर से 50-50 हजार रुपये, राज्यसभा सांसद धीरज साहू के निजी तौर पर 10-10 हजार रुपये दिये थे.
जबकि तृणमूल कांग्रेस व जमायत इस्लामी पार्टी ने दोनों परिजन को पांच-पांच हजार रुपये की मदद की थी. इसके अलावा वृंदा करात ने भी परिजनों से मुलाकात कर आर्थिक मदद की थी. परिजन बताते है कि घटना के बाद से अब तक वे न्याय के लिए भटक रहे है.
दर्जनों बार रांची जा चुके हैं. वृंदा करात के बुलावा पर दिल्ली में भी अपनी पीड़ा सुनायी है. लातेहार आने-जाने में हजारों रुपये खर्च हो रहे है. उनकी जिंदगी नरक बन गयी है. इतना ही नहीं लगातार धमकी भी मिल रही है. इस संबंध में उन्होंने लातेहार न्यायालय में भी गुहार लगायी है.
Prabhat Khabar Digital Desk
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