ऐतिहासिक होगी 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल : सीटू

मनरेगा का नाम बदल कर ग्रामीण रोजगार पर प्रहार किया गया है.
कोडरमा. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशन के संयुक्त मंच द्वारा 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल की व्यापक तैयारी चल रही है. मजदूर किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ यह हड़ताल ऐतिहासिक होगी. ये बातें मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कही. उन्होंने कहा कि यह हड़ताल नाजुक स्थिति में हो रही है. जब केंद्र सरकार ने ट्रेड यूनियनों को नियंत्रित और कमजोर करने के लिए चार लेबर कोड और उसके नियमों को अधिसूचित कर दिया है. कुल मिलाकर श्रम संहिताएं सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके ट्रेड यूनियनों पर गुलामी थोपने के लिए तैयार की गयी है. झारखंड राज्य किसान सभा के संयुक्त सचिव असीम सरकार ने कहा कि मनरेगा का नाम बदल कर ग्रामीण रोजगार पर कड़ा प्रहार किया गया है. सरकार बीज विधेयक लेकर आयी है, जिससे बीजों का कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों को लाभ मिलेगा और हमारे कृषि विश्वविद्यालय और किसान समुदाय गंभीर खतरे में पड़ जायेंगे. हमारी सरकार विदेशी व्यापार में भारत के हितों की अनदेखी कर रही है. सीटू के जिला सचिव रमेश प्रजापति ने कहा कि कोडरमा जिला में हड़ताल की व्यापक तैयारी की जा रही है. हड़ताल की पूर्व संध्या पर केटीपीएस बांझेडीह में मशाल जुलूस निकाला जायेगा. हड़ताल के दिन झुमरी तिलैया में किसान मजदूर मार्च करेंगे, केटीपीएस गेट जाम करेंगे व जयनगर में सेविका सहायिका यूनियन द्वारा प्रदर्शन किया जायेगा. इस अवसर पर माइका वर्कर्स यूनियन के जिला संयोजक महेंद्र तुरी भी मौजूद थे.
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