कोडरमा. जिले में सिस्टम की मिलीभगत से खनिज पदार्थों का अवैध तरीके से खनन इन दिनों धड़ल्ले से हो रहा है. यही कारण है कि माफियाओं का भी मनोबल बढ़ गया है. कभी कभार वरीय अधिकारी के निर्देश पर छापामारी होती है, तो टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ता है. डोमचांच प्रखंड के ढाब थाना क्षेत्र के गोरियाडीह में गत दिन पुलिस टीम पर हुए हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोडरमा में माफिया तत्व का मनोबल पूरी तरह बढ़ गया है और वे स्थानीय ग्रामीणों को मोहरा बनाकर अपने उद्देश्य में सफल हो रहे हैं. पुलिस टीम पर हमला, हथियार छिनने के प्रयास सहित अन्य मामलों को लेकर डोमचांच व ढाब के 38 लोगों को नामजद आरोपी बनाते हुए केस किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है़ जानकारी के अनुसार ढाब के जंगल में अवैध तरीके से कीमती ग्रीन पत्थर के साथ क्वार्टज पत्थर के उत्खनन की जानकारी कई महीने से सामने आ रही है़ प्रभात खबर ने इससे संबंधित रिपोर्ट भी प्रकाशित की थी, पर उस समय वन विभाग से लेकर शासन प्रशासन तक ने जंगल क्षेत्र में ग्रीन पत्थर के अवैध खनन की बात से इंकार किया था़ साथ ही तर्क दिया गया था कि खनन पुराना है़ अब ढाब पुलिस पर ग्रीन पत्थर के अवैध खनन कार्य में लगे लोगों द्वारा हमला किये जाने के बाद स्पष्ट हो गया है कि शासन प्रशासन के लोग अवैध खनन कार्य की बात को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे थे़ ऐसे में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल पुलिस-प्रशासन व वन विभाग के पदाधिकारियों की कार्यशैली पर उठ रहा है़ कारोबार से जुड़े लोगों की मानें तो सिस्टम के कई लोग अवैध कारोबार से प्राप्त होने वाले पैसे के हिस्सेदार हैं. इस वजह से ठोस कार्रवाई नहीं होती़ कभी कभार दबाव बढ़ता है तो खानापूर्ति के लिए छापामारी का दावा किया जाता है़
थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज हुआ केस
ढाब थाना क्षेत्र के गोरियाडीह के पास पुलिस टीम पर हुए हमले को लेकर ढाब थाना प्रभारी रवि प्रकाश पंडित के बयान पर केस दर्ज किया गया है़ इसमें कहा है कि 29 मार्च को करीब नौ बजे सूचना मिली कि गोरियाडीह जंगल से विक्की मेहता पिता विनोद मेहता, प्रवीण मेहता निवासी लंगरापीपर के नेतृत्व में गोरियाडीह के कुछ ग्रामीणों को साथ लेकर गोरियाडीह स्थित प्रतिबंधित वन क्षेत्र से रात के अंधेरे में चोरी छिपे अवैध रूप से ग्रीन पत्थर का उत्खनन कर मालवाहक गाड़यों से बाहर भेजा जा रहा है़ सूचना पर सअनि किशोर कुमार घोष, आरक्षी बंगला चरण मुंडा, जिदन ओडिया, अनिल कुमार बाखला, चालक राजकुमार प्रसाद, स्थानीय चौकीदार विश्वेवर तुरी, के साथ सरकारी वाहन संख्या- जेएच-12ई-3018 (जिप्सी) से गोरियाडीह स्थित वन क्षेत्र के लिए निकले़ वहां पहुंचे तो देखा कि प्रतिबंधित वन क्षेत्र में कुछ मालवाहक छोटी गाडियों पर बोरा में भरकर कुछ लोड किया जा रहा है़
ये बनाये गये नामजद
थाना प्रभारी के अनुसार प्रतिबंधित वन क्षेत्र में पुलिस टीम को देख सुरेश साव पिता जानकी साव, अमित साव पिता सुरेश साव, मनोज साव पिता लक्ष्मण साव, सिकंदर सिंह, उमेश सिंह, उपेंद्र सिंह तीनों के पिता स्व. बाबूलाल सिंह, दीपक साव पिता इंदर साव, अजय तुरी पिता चंद्र तुरी, बढन सिंह पिता मुन्नी सिंह, पिंटू तुरी, टिंकू तुरी दोनों के पिता जागी तुरी, मोहन सिंह, पिता किशुन सिंह, बिनोद तुरी, पोखन सिंह पिता भातु सिंह, मोती सिंह पिता शुक्र सिंह, बसंत सिंह पिता किशुन सिंह, प्रमोद सिंह पिता मोती सिंह, राजेश तुरी पिता नन्हकु तुरी, संतोष तुरी पिता अर्जुन तुरी, सुरेंद्र सिंह पिता मुंशी सिंह, जागी तुरी पिता लालधारी तुरी, किशुन सिंह, उषा देवी पति उमेश सिंह, प्रमिला देवी पति सिकंदर सिंह, बरखा देवी पति अजय तुरी, निक्की देवी पति दीपक साव, सुलेखा देवी पति शरीफ तुरी, ललिता देवी पति पिंटू तुरी, संगीता देवी, पति टिंकू तुरी, मुन्नी देवी पति मदन तुरी, पूजा कुमारी पति मिथुन तुरी, रेणु देवी पति छोटू तुरी, मति देवी पति मनु तुरी, ममता देवी पति भागीरथ सिंह, मुन्नी देवी पति मंगर सिंह, अनिता देवी पति गणेश सिंह सभी गोरियाडीह थाना ढाब निवासी के अलावा करीब 40-50 अज्ञात पर नाजायज मजमा बनाकर हरवे हथियार, लाठी डंडा, लोहे के रड व ईंट-पत्थर से हम पर जानलेवा हमला कर दिया़ इससे मेरे अलावा सअनि किशोर कुमार घोष, चालक आरक्षी राजकुमार प्रसाद, आरक्षी अनिल कुमार बाखला को गंभीर चोट आयी.
पुलिस टीम से हथियार छिनने का भी प्रयास
थाना प्रभारी के द्वारा दर्ज कराए गए मामले के अनुसार आरोपियों ने सरकारी जिप्सी को क्षतिग्रस्त कर दिया. गाड़ी में लगे वायरलेस सेट, स्टेपनी को तोड़ कर पास के कुआं में डाल दिया. आरोपी ग्रीन पत्थर को वाहनों में लोड कर ले गये. जाते-जाते सरकारी वाहन को पास के गड्ढे में धक्का देकर गिरा दिया़ आरोपियों ने पुलिस टीम को घेर कर सशस्त्र बल के हथियार को छिनने का प्रयास किया़ थाना प्रभारी व अन्य जवान बचने के लिए जंगल में छिप गये. इसके बाद मामले की जानकारी वरीय पुलिस पदाधिकारियों को दी गयी. अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने पर जेसीबी की मदद से क्षतिग्रस्त पुलिस वाहन को थाना लाया गया़ पुलिस ने मौके पर से 10 लाठी-डंडा और ईंट पत्थर बरामद किया है़ पुलिस ने इस संबंध में प्रतिबंधित वनक्षेत्र से अवैध रूप से खनिज (ग्रीन पत्थर) का उत्खनन एवं तस्करी करने, नाजायज मजमा बनाकर पुलिस पर हमला करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त करने, सरकारी वाहन में लगे उपकरणों की चोरी करने तथा पुलिस बल के हथियारों को छिनने का प्रयास करना, प्रतिबंधित वनक्षेत्र से अवैध रूप से उत्खनन करने से वन्य जीवों पर बुरा प्रभाव पड़ने को लेकर अलग-अलग धारा लगाते हुए कांड संख्या 2/25 दर्ज किया है़
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

