आज तक नहीं जब्त किया गया अवैध शराब का बॉटलिंग प्लांट
Updated at : 04 Mar 2017 7:33 AM (IST)
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ढोढाकोला जंगल में 29 अगस्त 2016 को की गयी थी प्रशासनिक छापामारी नकली शराब मामले में आज तक उत्पाद विभाग ने नहीं प्राप्त कर सकी जांच रिपोर्ट विकास कोडरमा : अवैध अंगरेजी शराब के गोरखधंधे को लेकर जहां कोडरमा लगातार बदनाम हो रहा है, वहीं जिले के पूरे सिस्टम पर भी सवाल उठता रहा है. […]
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ढोढाकोला जंगल में 29 अगस्त 2016 को की गयी थी प्रशासनिक छापामारी
नकली शराब मामले में आज तक उत्पाद विभाग ने नहीं प्राप्त कर सकी जांच रिपोर्ट
विकास
कोडरमा : अवैध अंगरेजी शराब के गोरखधंधे को लेकर जहां कोडरमा लगातार बदनाम हो रहा है, वहीं जिले के पूरे सिस्टम पर भी सवाल उठता रहा है. इसके बावजूद यहां की पुलिस की गतिविधि ठोस कार्रवाई की राह पर नहीं दिख रही है.
गत वर्ष अगस्त माह में प्रशासनिक टीम ने डोमचांच प्रखंड के ढोढाकोला जंगल में बड़े स्तर की छापामारी का दावा किया था. नकली शराब बनाने की बड़ी फैक्टरी पकड़ायी थी, पर फैक्ट्री के संचालन को लेकर बने बॉटलिंग प्लांट (अत्याधुनिक मशीन) को आज तक जब्त नहीं किया जा सका है. यह मशीन लाखों रुपये की लागत से लगायी गयी थी. इस प्लांट के समय-समय पर दूसरे जगहों पर संचालित होने की खबरें अपुष्ट तौर पर सामने आ रही हैं, लेकिन आज तक इसका पता नहीं चल पाया है.
अब जब शराब मामले में मुख्य आरोपी आजसू नेता संजय यादव की गिरफ्तारी हो गयी है, तो इसके बावजूद कोडरमा जिले से शराब की तस्करी इस बात की ओर भी इंगित करने लगी है कि इस धंधे के संरक्षणकर्ता कई लोग हैं. यही कारण है कि शराब के इस धंधे की जड़ तक जाने का प्रयास न तो पुलिस कर रही है और न ही इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई हो रही है. जिस उत्पाद विभाग को यह मामला ढोढाकोला में छापामारी के बाद दिया गया था, उसे जिम्मेवारी थी की बरामद शराब नकली सिद्ध हो, इसको लेकर जांच के लिए शराब का सैंपल भेजा जाये.
विभाग ने जब्त शराब को जांच के लिए बिहार स्थित उत्पाद रासायनिक परीक्षण केंद्र पटना भी भेजा, लेकिन शराब नकली या असली है. इससे संबंधित रिपोर्ट आज तक विभाग प्राप्त नहीं कर सका है. इसको लेकर पहल भी नहीं की गयी. आजसू नेता संजय यादव, पूर्व जिप अध्यक्ष महेश राय व अन्य का नाम नकली शराब फैक्टरी के संचालन में पूर्व में आ चुका है. 29 अगस्त 2016 में डीसी संजीव कुमार बेसरा के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने डोमचांच के जंगली इलाका ढोढाकोला में छापामारी कर यहां संचालित शराब फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था.
इस दौरान भारी मात्रा में नकली शराब, खाली रैपर व कार्टून जब्त किया गया था, जबकि एक युवक की गिरफ्तारी हुई थी. प्रशासन की टीम मशीन को जब्त कर नहीं ला पायी थी. शुरुआत में उत्पाद विभाग की ओर से दर्ज मामले में गिरफ्तार युवक व अन्य अज्ञात पर मामला दर्ज हुआ, पर अनुसंधान के बाद अदालत में दी गयी रिपोर्ट में संजय यादव व महेश राय का नाम उक्त फैक्टरी के संचालकर्ता के रूप में जोड़ा गया. हालांकि, महेश राय इसेराजनीतिक षडयंत्र बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग करचुके हैं.
शराब धंधे के संरक्षणकर्ता तक पहुंचने का प्रयास नहीं
पुलिस प्रशासन लगातार भले ही शराब के धंधे को लेकर सख्ती बरतने का दावा कर रही है, पर इस धंधे के संरक्षणकर्ताओं तक पहुंचने का प्रयास नहीं हो रहा है. सूत्र बताते है कि राजनीति व सिस्टम के संरक्षण में यह धंधा चल रहा था. संजय यादव की गिरफ्तारी के बाद इसका असर भी दिखा.
पदमा में गिरफ्तारी के बाद उसे तिलैया थाना लाकर तीन घंटे पूछताछ की गयी, लेकिन पुलिस के दावे के अनुसार पूछताछ में संजय ने शराब पंजाब व हरियाणा से लाने की बात स्वीकार की. सवाल उठ रहा है कि पुलिस पूर्व में दर्ज मामले जिसमें नकली शराब की फैक्टरी का संचालन करने का आरोप है. उसके संबंध में कोई राज क्यों नहीं खुलवा पायी. आखिर इतना बड़ा बॉटलिंग प्लांट कहां से आया इसे अब कहां रखा गया है, इसकी जानकारी क्यों नहीं ली गयी.
राजेश व मनोज यादव के खिलाफ कुर्की का आदेश
इधर, अवैध शराब के गोरखधंधे के मामले में स्थानीय अदालत ने अब तक फरार चल रहे दो अभियुक्तों राजेश यादव निवासी नवादा बस्ती व मनोज यादव निवासी इंदरवा बस्ती के खिलाफ कुर्की जब्ती का आदेश दे दिया है. तिलैया थाना पुलिस ने अदालत से कुर्की जब्ती का आदेश प्राप्त कर लिया है.
अगर आरोपी जल्द ही पुलिस की पकड़ में नहीं आते हैं या फिर अदालत में समर्पण नहीं करते हैं, तो उनके घरों की कुर्की जब्ती कर कार्रवाई होगी.
संजय यादव को रिमांड पर लेगी आर्थिक अपराध इकाई अवैध शराब के धंधे में शामिल मुख्य आरोपी आजसू नेता संजय यादव को बिहार की आर्थिक अपराध इकाई की टीम भी रिमांड पर लेगी. इसको लेकर तैयारी की जा रही है. इओयू के डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि दीदारगंज पटना में अवैध शराब की तस्करी को लेकर दर्ज मामले की जांच इकाई कर रही है. इसमें संजय यादव भी आरोपी है. ऐसे में उसे रिमांड पर लिया जायेगा. इओयू इस धंधे से अर्जित कमाई की जांच कर रही है. गत दिन गिरफ्तार संदीप भदानी को पुलिस रिमांड पर बिहार ले जाया गया है.
एसएसपी मनु महाराज ने खुद लिया रिकार्ड!
शराब मामले की जांच को लेकर पहले जहां बिहार एसटीएफ दबिश दे रही थी, वहीं अब इसकी जांच बिहार में उच्च स्तर से भी होने लगी है. सूत्र बताते हैं कि संजय यादव की गिरफ्तारी के बाद पटना के एसएसपी मनु महाराज खुद एक टीम के साथ कोडरमा पहुंचे. उन्होंने अदालत व अन्य जगहों से संजय यादव गिरोह से संबंधित सभी मामलों की रिपोर्ट ली. इससे संबंधित कागजात लेकर टीम वापस पटना लौट गयी. हालांकि, एसएसपी के यहां आने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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