ग्रामीणों के आगे जिला प्रशासन विवश, काम रुका
Updated at : 27 Feb 2017 8:58 AM (IST)
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जयनगर. बांझेडीह पावर प्लांट के एसपौंड निर्माण का मामला निर्णायक स्थिति में आ गया है. जहां एक ओर डीवीसी प्रबंधन व जिला प्रशासन इस निर्माण कार्य को सरकार के सख्त आदेश के बाद पूरी ताकत लगा कर संपन्न कराने में लगे हैं. दूसरी ओर करियावां के ग्रामीण आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है. […]
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जयनगर. बांझेडीह पावर प्लांट के एसपौंड निर्माण का मामला निर्णायक स्थिति में आ गया है. जहां एक ओर डीवीसी प्रबंधन व जिला प्रशासन इस निर्माण कार्य को सरकार के सख्त आदेश के बाद पूरी ताकत लगा कर संपन्न कराने में लगे हैं. दूसरी ओर करियावां के ग्रामीण आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है.
रविवार को डीवीसी प्रबंधन व जिला प्रशासन पूरी ताकत के साथ करियावां मौजा मे काम लगाने का प्रयास किया. मगर बच्चों व महिलाओं की उपस्थिति में जिला प्रशासन की एक न चली. प्रशासनिक स्तर पर यह तैयारी थी कि रविवार को करियावां मौजा में ट्रेंच कटाई की जायेगी. मगर ग्रामीणों की एकता के आगे पुलिस की एक न चली. कालेश्वर सिंह, बैजनाथ राणा, कपिल राणा, विक्की राणा, धानेश्वर यादव, बालेश्वर राणा समेत भारी संख्या में ग्रामीणों के अलावा एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार, डीवीसी के मुख्य अभियंता एमसी मिश्रा, डीजीएम मधुकांत झा, थाना प्रभारी हरिनंदन सिंह, सीओ बालेश्वर राम, डॉ नम्रता प्रिया, चंदवारा बीडीओ सुनीला खलको, चंदवारा थाना प्रभारी विनोद यादव, डैम ओपी प्रभारी विनोद यादव, एएसआइ लक्ष्मण गोप आदि मौजूद थे.
जान दे देंगे पर जमीन नहीं: करियावां के ग्रामीणों ने एकजुटता के साथ निर्णय लिया है कि जान दे देंगे, पर जमीन नहीं. युवा नेता पोखराज राणा ने बताया कि करियावां के ग्रामीणों ने जब डीवीसी प्रबंधन के लिए जमीन दी थी, तब तय किया गया था कि यहां टाउनशिप का निर्माण किया जायेगा. अब प्रबंधन यहां ग्रामीणों को धोखे में रख कर एसपौंड का निर्माण कराना चाह रही है.
इसको लेकर ट्रेंच कटाई का काम चल रहा है. मगर ग्रामीण प्रबंधन व जिला प्रशासन के मुंगालते में नहीं आयेंगे. यदि दोबारा करियावां सीमाना में काम लगाने का प्रयास किया गया, तो ग्रामीण इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे.
ग्रामीणों व प्रशासन के बीच ठनी: करियावां के मौजा में एसपौंड निर्माण को लेकर ग्रामीणों, डीवीसी प्रबंधन व जिला प्रशासन के बीच ठन गयी है. इस बावत करियावां के ग्रामीण 27 फरवरी को उपायुक्त कोडरमा के कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल व धरना का कार्यक्रम रखेंगे. ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव से 600 मीटर दूर एसपौंड का निर्माण कराया जाये, प्रबंधन द्वारा टाउनशिप निर्माण के नाम पर ली गयी जमीन पर टाउनशिप का निर्माण कराया जाये.
यदि ऐसा नहीं हुआ, तो जान देंगे पर जमीन नहीं.नेताओं के धोखे में नहीं आयेंगे ग्रामीण: करियावां के ग्रामीणों ने इस विषम परिस्थिति में विभिन्न राजनीतिक दलों की उपेक्षा से नाराज होकर निर्णय लिया है कि गांव के मान-सम्मान की लड़ाई है. इसे ग्रामीण एकजुट होकर लड़ेंगे. अब किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं के भरोसे उनके धोखे में नहीं आयेंगे. उल्लेखनीय है कि मामला उलझन के बाद वर्तमान विधायक प्रो जानकी यादव समेत अन्य राजनीतिक दल के नेता ग्रामीणों के इस दुख दर्द में शामिल नहीं है. भाजपा व कांग्रेस के अलावा वामपंथी दल भी इस दर्द में सहभागी नहीं है.
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