महेंद्र सिंह की शहादत दिवस पर माले की जन पंचायत

Updated at : 17 Jan 2017 8:46 AM (IST)
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महेंद्र सिंह की शहादत दिवस पर माले की जन पंचायत

सीनएटी एसपीटी एक्ट संशोधन, जबरन भूमि कब्जा, भूमि अधिग्रहण, नोटबंदी व जमाबंदी रद्द करने के खिलाफ बुलायी गयी थी जन पंचायत नोटबंदी के नाम पर केंद्र व राज्य सरकार ने गरीबों को किया है परेशान झुमरीतिलैया : का. महेंद्र सिंह की 13वीं बरसी पर भाकपा माले ने तिलैया झंडा चौक पर जन पंचायत का आयोजन […]

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सीनएटी एसपीटी एक्ट संशोधन, जबरन भूमि कब्जा, भूमि अधिग्रहण, नोटबंदी व जमाबंदी रद्द करने के खिलाफ बुलायी गयी थी जन पंचायत
नोटबंदी के नाम पर केंद्र व राज्य सरकार ने गरीबों को किया है परेशान
झुमरीतिलैया : का. महेंद्र सिंह की 13वीं बरसी पर भाकपा माले ने तिलैया झंडा चौक पर जन पंचायत का आयोजन किया गया. इसकी शुरुआत मुख्य रूप से मौजूद बिहार जन संस्कृति मंच के जन कवि कृष्ण कुमार निर्मोही ने महेंद्र सिंह की तसवीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. अध्यक्षता जिला सचिव मोहन दता व संचालन राज्य कमेटी सदस्य श्यामदेव यादव ने किया.
जन पंचायत को पंचो के रूप में संबोधित करते हुए रामधन यादव ने कहा कि सीनएटी एसपीटी एक्ट संशोधन, जबरन भूमि कब्जा, भूमि अधिग्रहरण, नोटबंदी व जमाबंदी रद्द करने के खिलाफ यह जन पंचायत बुलायी गयी है. जन पंचायत के दौरान रामधन यादव, ईश्वरी राणा, प्रेम पांडेय, बबन मेहता, राजकुमार पासवान, शारदा देवी, तुलसी राणा आदि ने केंद्र की मोदी सरकार व राज्य की रघुवर सरकार जन विरोधी कानून लागू करने का मुजरिम करार देते हुए सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया. जन पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि रघुवर सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं का माखौल बना दिया है. सीएनटी, एसपीटी एक्ट में संशोधन कर जनता को मजबूर कर दिया है कि खुद अपना फैसला करें तथा इस सरकार को जनता के दबाव से फैसले वापस करने का मजबूर करें.
वक्ताओं ने कहा कि जबरन भूमि पर कब्जा करने के विरोध की आवाज को बंदूक की ताकत पर इस सरकार ने दबाने का काम किया है. कहा कि बालूमाथ, गोला, बड़कागांव, साइको, बुंडू, जामताड़ा जैसे कितने स्थानों पर पुलिस ने बरबरता पूर्वक कार्रवाई की है. नोटबंदी के नाम पर केंद्र व राज्य सरकार ने गरीबों को परेशान किया है. किसानों को औने-पौने दाम पर धान बेचना पड़ा व मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है. नोटबंदी से 125 से अधिक लोगों की जाने जा चुकी हैं. रघुवर सरकार द्वारा जमाबंदी रद्द करने की घोषणा काॅरपोरेट घरानों को मदद करने की साजिश है.
मौके पर संदीप कुमार, सेराज खान, असगर अंसारी, इब्राहीम अंसारी मुन्ना यादव, राजेंद्र मेहता, अशोक यादव, भोला यादव, बीरेंद्र यादव ने भी अपने विचार रखें. कार्यक्रम को सफल बनाने में नागेश्वर प्रसाद, राम प्रसाद यादव, जय प्रकाश वर्मा, भुवनेश्वर ठाकुर, बीरेंद्र पांडेय, अजय पांडेय, धीरज यादव, कृष्ण कांत मेहता, अशोक साव, हरि तुरी, प्रकाश तुरी, बीरेंद्र सिंह घटवार, जय प्रकाश यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.
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