उतम भार्दव धर्म के रूप में मनाया दशलक्षण महापर्व
Updated at : 08 Sep 2016 6:49 AM (IST)
विज्ञापन

झुमरीतिलैया : जैन धर्म द्वारा मनाया जा रहे दशलक्षण पर्यूषण महापर्व को दूसरे दिन उतम भार्दव महापर्व के रूप मे मनाया गया. सुबह छह बजे दोनों मंदिरों के मूल वेदी पार्श्वनाथ भगवान पर पदम सेठी व महावीर भगवान पर शांतिधारा का सौभाग्य सुरेश काशलीवाल परिवार को मिला. वहीं बड़ा जैन मंदिर स्थित सरस्वती भवन में […]
विज्ञापन
झुमरीतिलैया : जैन धर्म द्वारा मनाया जा रहे दशलक्षण पर्यूषण महापर्व को दूसरे दिन उतम भार्दव महापर्व के रूप मे मनाया गया. सुबह छह बजे दोनों मंदिरों के मूल वेदी पार्श्वनाथ भगवान पर पदम सेठी व महावीर भगवान पर शांतिधारा का सौभाग्य सुरेश काशलीवाल परिवार को मिला.
वहीं बड़ा जैन मंदिर स्थित सरस्वती भवन में सामूहिक अभिषेक हुआ. यहां शांतिधारा का सौभाग्य सुनील सेठी व नरेश गंगवाल के परिवार को मिला. शांतिधारा जबलपुर से आये युवा विद्यार्थी शुभम भइया के मुखारबिंद से हुआ. वहीं नरेश भइया ने उतम भार्दव धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभिमान व घमंड के कारण मनुष्य के अंदर भार्दव गुण प्रकट होता है.
भार्दव का अर्थ मान रहित होना है. पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन भार्दव धर्म मान अभिमान व घमंड को समाप्त करने की शिक्षा देता है. विधान का पूजन में पुण्यार्जक प्रभात जैन ने श्री फल चढ़ाया. भव्य मंगल आरती भी हुई. नरेश भइया व पंडित अभिषेक द्वारा विशेष प्रवचन भी हुआ. लक्की ड्रा चिंटू जैन व जय कुमार गंगवाल के परिवार को मिला. मौके पर जैन समाज को अध्यक्ष सुशील छाबड़ा, मंत्री जय कुमार गंगवाल, विमल बड़जात्या, सुरेश झांझरी, ललित सेठी, प्रदीप पांड्या सहित जैन युवक समिति व जैन महिला संगठन के सदस्य मौजूद थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




